राष्ट्रीय

राजनीति के अपराधीकरण की साजिश कर खुद को पीड़ित दिखा रही कांग्रेस: मनवीर चौहान

कांग्रेस जिप अध्यक्ष प्रत्याशी के हिस्ट्रीशीटर पति भी बबाल मे शामिल,
आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति का सरंक्षण और पैरवी मे जुटना दुर्भाग्यपूर्ण
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस पर राजनीति के अपराधीकरण का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि एक सुनियोजित षडयंत्र के तहत पहले जिप सदस्यों को बलपूर्वक धमकाने और फिर खुद को पीड़ित दिखाने के लिए दुष्प्रचार कर रही है।
पार्टी मुख्यालय मे पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए चौहान ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में नैनीताल जिप पंचायत अध्यक्ष उम्मीदवार के पति द्वारा हिंसा और बवाल कर लोकतंत्र के हरण का प्रयास किया गया। उन पर हत्या से लेकर गैंगस्टर तक दर्जनों गंभीर धाराओं में मुकद्दमे दर्ज हुए हैं। उनका खुलेआम भाजपा उम्मीदवार और नेताओं को धमकाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
उन्होंने कहा कि नैनीताल में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर मतदान के दौरान जिस तरह अपराधिक घटनाक्रम कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में अंजाम दिया गया, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। समूचे प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार लगभग सभी जिला पंचायत अध्यक्ष एवं क्षेत्र पंचायत प्रमुखों का चुनाव हार गए हैं। इसी तरह अपनी हार निश्चित जानकर, कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उनके नैनीताल उम्मीदवार के पति लाखन सिंह नेगी और उनके समर्थकों द्वारा वहां हिंसा और बवाल किया गया। उनके द्वारा पुलिस प्रशासन और विशेषकर भाजपा प्रत्याशी एवं नेताओं को सरेआम धमकाया गया, जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हैं। लेकिन बड़ी बेशर्मी से अब न्यायालय एवं अन्य माध्यम से स्वयं को पीड़ित दर्शा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा राजनीति का अपराधीकरण की दोषी रही है। इस पूरे मामले में भी उन्होंने जिसको उम्मीदवार बनाया उनके पति का अतीत दबंगई, गुंडागर्दी और आपराधिक प्रवृत्ति से भरा हुआ है। उनके द्वारा खुलेआम जिला पंचायत सदस्यों का अपहरण और बंधक बना लिया। जिप अध्यक्ष लाखन नेगी पर पहले भी जान से मारने की धमकी और मारपीट के गंभीर आरोप लग चुके हैं। उन पर आज भी दर्जन भर गंभीर प्रकरण लंबित हैं। जिसमें धारा 302, गैंगस्टर, 420, 506, 324 आदि कई धाराओं में केस चल रहे हैं और एक में तो जुर्माना भी लगाया गया है। इन सबसे अलग उनकर पहले पोस्को एक्ट में भी मुकद्दमा दर्ज हुआ था। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य यह है कि ऐसे व्यक्ति को कांग्रेस ने संरक्षण ही नहीं दिया, बल्कि उसकी पत्नी को जिले के सर्वोच्च पंचायत पद का प्रत्याशी बना दिया।
चौहान ने कांग्रेस के बड़े नेताओं पर निशाना साधा कि पहले अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बढ़ावा दिया गया और अब हिंसा करने पर भी उनकी पैरवी की जा रही है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है और राजनीति के अपराधीकरण नीति की कांग्रेसी पोल खोलता है।

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