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समर्पण को सम्मान – अहमदाबाद में चल रहे राष्ट्रीय अधिवेशन में जोगेंद्र पुंडीर को मिली उत्तराखंड में प्रदेश अध्यक्ष  क्रीड़ा भारती  की बड़ी जिम्मेदारी

क्रीड़ा भारती संगठन के रूप में उत्तराखंड की देव भूमि के लिए पूर्व से ही वरदान के  रूप में कार्य कर रहा , आगे भी वरदान साबित होगा : पुंडीर 
देहरादून।  क्रीड़ा भारती का पाँचवा राष्ट्रीय अधिवेशन  26 से 28 दिसम्बर तक  गुजरात अहमदाबाद में चल रहा है। उद्घाटन सत्र में गुजरात पोरबंदर से सांसद और केन्द्रीय खेल मंत्री मनसुख भाई मांडविया , गुजरात के मुख्यमंत्री  भूपेंद्र भाई पटेल , आलोक अखिल भारतीय सह सरकार्यवाह, (आरएसएस) की उपस्थिति में हुआ
अधिवेशन में  भारतवर्ष के सम्पूर्ण राज्यों के पदाधिकारी गण मौजूद रहें । कार्यक्रम का उद्घाटन , क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष  गोपाल सैनी (अर्जुन अवार्डी, राजस्थान ) , राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चैतन्यकुमार कश्यप मंत्री मध्यप्रदेश , राष्ट्रीय महामंत्री   राज चौधरी  , प्रशांत महानकर अखिल भारतीय संगठन मंत्री क्रीड़ा भारती की उपस्थिति में हुआ । उत्तराखंड से   जोगेंद्र सिंह पुंडीर को उत्तराखंड प्रदेश का अध्यक्ष बनाने की घोषणा की गई , जिसका सभी ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया एवं उत्तराखंड से आये हुए क्रीडा  भारती के  पदाधिकारिओं ने भी खुशी जाहिर करते हुए अपनी पूर्ण सहमति प्रदान की ।उत्तराखंड प्रदेश से  अरुण सिंह प्रांत मंत्री ,  रणवीर सिंह तोमर , प्रांत उपाध्यक्ष,  सोहन वीर राणा प्रांत सह मंत्री ,  आकाश चौरसिया प्रांत क्रीड़ा केंद्र प्रमुख , उमंग खत्री प्रांत कार्यकारिणी सदस्य एवं  सुधीर कुमार  उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम के दौरान जोगेंद्र सिंह पुंडीर ने कहा कि
क्रीड़ा भारती संगठन के रूप में उत्तराखंड की देव भूमि के लिए पूर्व से ही वरदान के  रूप में कार्य कर रहा है और आगे भी वरदान साबित होगा । उन्होंने खेल जगत में क्रीड़ा भारती के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं के लिए नए आयाम और नए मौके के त्तोर पर प्रतिबद्ध होने का आश्वासन दिया और कहा कि क्रीड़ा भारती के माध्यम से सम्पूर्ण प्रदेश में अलख जगाते हुए भारतवर्ष को 2030 के  कॉमन वेल्थ की मेजबानी का मौका मिला है , तो इस में तत्पर होकर संगठित कार्य करने से जरूर हम लोग उत्तराखंड के लिए पदक तालिका में सबसे ऊपर नाम रख सकें ऐसी कोशिश करेंगे।
पुंडीर ने कहा कि आने वाले  सालों के अंदर
नए प्रतिभावान खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और क्रीड़ा भारती  के माध्यम से जो सुविधा दी जा सके उसका प्रयास करना और मैदानी क्षेत्रों से लेकर सुदूरवर्तीय प्रत्येक पर्वतीय जिलों में भी खेलों के अनुकूल महौल बना पाना ये एक प्राथमिकता रहेगी ।
पुंडीर  ने आगे कहा कि उत्तराखंड के युवाओं में अनेक प्रतिभाएं हैं और खेल के प्रति विशेष रुचि जगाने से हमारे प्रदेश के नौजवान नए कीर्तिमान खड़ा कर सकने में सक्षम हैं। इसी कड़ी में 2026 व 2030  में कामनवेल्थ खेलों में भी पदक  तालिका में अपने  राष्ट्र को अग्रणी रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने का प्रयास करेंगे।

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