उत्तराखण्ड

धामी कैबिनेट में लिए गए 25 महत्वपूर्ण फैसले

वृद्धावस्था और विधवा पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1400 रुपये करने का लिया निर्णय, मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल को उनकी छुट्टियों में जोड़ा जाएगा
देहरादून । धामी कैबिनेट की शुक्रवार को हुई बैठक में 25 फैसलों पर मुहर लगी है। बैठक मंे सरकारी अस्पतालों में हर साल ओपीडी पर्चे पर 10 प्रतिशत बढ़ने वाले सरचार्ज को स्थगित करने का फैसला लिया गया। कैबिनेट ने महिलाओं को राहत देते हुए वृद्धावस्था और विधवा पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1400 रुपये करने का फैसला भी लिया है। पति -पत्नी दोंनो को पेंशन देने पर भी मुहर लगी है। वहीं मनरेगा कर्मचारियों की हड़ताल को उनकी छुट्टियों में जोड़ा जाएगा। शासकीय प्रवक्ता सुबोध उनियाल ने कैबिनेट की फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें 25 फैसलों पर मुहर लगी। उन्होंने बताया कि सीएसआर मद के तहत बद्रीनाथ धाम परिक्षेत्रान्तर्गत फेज 1 में 14 स्वीकृति कार्यों की प्राप्त निविदा को स्वीकृत करने के लिए नेगोशियेशन/औचित्यपूर्ण दरों पर अनुबंध गठित करने की अनुमति प्रदान की गयी है। जिससे की बद्रीनाथ धाम में विकास को गति दी सके।
सुबोध उनियाल ने एक अन्य फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि दीनदयाल उपाध्याय गृह आवास (होम स्टे) विकास योजना नियमावली, 2018 में संशोधन इस आशय से किया गया है कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार पोर्टल के माध्यम से योजना चलाई जा सके। केदारनाथ विकास प्राधिकरण का संचालन के लिए आवास विभाग की भवन निर्माण एवं विकास उपविधि/विनियम-2011 के अनुसार केदारनाथ के लिए भूमि की कम उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए भवन की निर्धारित मानकों में शिथिलता प्रदान की जा सके। उत्तराखण्ड विशेष विकास क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण सेवा विनियमावली, 2021 का गठन किया गया, जिससे कि विशेष क्षेत्रों को विकसित किये जाने में गति आयेगी। जानकी चट्टी (खरसाली) से यमुनोत्री रज्जुमार्ग परियोजना के लिए एक निविदा के माध्यम से निजी निवेशक का चयन की अनुमति प्रदान की गयी, जिससे रोप वे परियोजना को तीव्र गति से पूर्ण किया जा सके तथा क्षेत्र का विकास हो सके। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना नियमावली, 2002 ( प्रथम संशोधन नियमावली, 2005) में संशोधन इस आशय से किया गया है कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार पोर्टल के माध्यम से योजना चलाई जा सके। जिला पर्यटन विकास समिति (डीटीडीसी) का गठन किया गया है। जिससे कि जिले स्तर पर पर्यटन स्थल को विकसित करते हुए विकास किया जा सके, जिलाधिकारी के पास रिवाल्विंग फण्ड होगा। कैबिनेट ने मसूरी स्थित होटल सवॉय की छत पर हेलीपैड के निर्माण के लिए भवन की ऊँचाई 21.33 मीटर तक अनुमन्य किये जाने का निर्णय लिया है। केदारनाथ विकास प्राधिकरण का संचालन के लिए आवास विभाग की भवन निर्माण एवं विकास उपविधि/विनियम-2011 के अनुसार केदारनाथ के लिए भवन की निर्धारित मानक को संशोधित/शिथिल करने का निर्णय लिया गया है। वहीं एक अन्य फैसले में कैबिनेट ने लक्सर के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर, जनपद हरिद्वार को नगर पंचायत बनाने का निर्णय लिया। शासकीय प्रवक्ता ने बताया कि केबिनेट की बैठक मेें उत्तराखण्ड खाद्य सुरक्षा सेवा संवर्ग (समूह क, ख और ग) सेवा (संशोधन) नियमावली, 2021 के प्रख्यापन करने का निर्णय भी लिया गया। उत्तराखण्ड न्यायिक सेवा (संशोधन) नियमावली, 2021 को मंजूरी। नरेन्द्र नगर में विधि संस्थान स्थापित करने की मंजूरी। इसके अंतर्गत 10 प्लस में पाँच वर्षीय कोर्स की सुविधा होगी। हॉस्पिटल में 10 प्रतिशत सरचार्ज को स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। महाविद्यालय के नये स्नातकोत्तर क्लास के लिये 35 हजार प्रतिमाह पर प्राचार्य को गेस्ट टीचर तैनात करने का अधिकार दिया गया है। उन्होंने बताया कि कैबिनेट की बैठक मंे वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन को 1200 से बढ़ाकर 1400 किया गया। यह पेंशन पति पत्नि दोनों को मिल सकेगी। मनरेगा कर्मियों के हड़ताल अवधि को अवकाश अवधि में सामिल करने का निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने एक अन्य फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा कि व्यायाम प्रशिक्षक के संबंध में सभी महाविद्यालय एवं प्रत्येक विकास खण्ड के 1 इंटर कॉलेज में 214 पदों पर व्यायाम प्रशिक्षकों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात किया जायेगा। अतिथि महिला शिक्षक को मातृत्व अवकाश देय होगा। आयुर्वेद मिनिस्टीरियल संवर्ग में जनपद और निदेशालय के अलग-अलग संवर्ग को एक संवर्ग के अंदर माना जायेगा। वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली स्वीकृत धनराशि डीएम ने स्वीकृत करने के पश्चात राज्य स्तर से सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा जायेगा। कैबिनेट में हल्द्वानी नगर निगम में जीतपुर नेगी कॉलोनी को शामिल करने का निर्णय लिया गया। जीएमवीएन के 9 कर्मियों को सचिवालय सेवा में संविलियन संविदा कार्मिकों के आधार पर किया जायेगा। उत्तराखण्ड अधीनस्थ नर्सिंग अराजपत्रित सेवा नियमावली संशोधन 2021 को मंजूरी। इसके अंतर्गत वर्षवार योग्यता क्रम के आधार पर चयन करने का निर्णय लिया गया। नियमित या पदोन्नति के बाद अतिथि शिक्षक को गृह जनपद में तैनाती के लिय पहली प्राथमिकता दी जायेगी।

 

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