उत्तराखण्ड

केंद्रीय रेल मंत्री ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के कार्यों की भी समीक्षा करेंगे

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया की केंद्रीय रेल मंत्री को उत्तराखंड आने का दिया निमंत्रण 

देहरादून। उत्तराखंड के दो कैबिनेट मंत्री और तीन वरिष्ठ विधायकों ने  बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर अपने-अपने क्षेत्रों की रेलवे से जुड़ी समस्याएं रखी।
मीडिया को जारी बयान में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया की केंद्रीय रेल मंत्री को उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया, जिस पर उन्होंने सहमति व्यक्त करते हुये अक्टूबर माह के दूसरे सप्ताह श्रीनगर गढ़वाल आने की स्वीकृति दे दी है। अपने उत्तराखंड भ्रमण के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे परियोजना के कार्यों की भी समीक्षा करेंगे। इस संबंध में श्रीनगर गढ़वाल में एक समीक्षा बैठक आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गढ़वाल लोकसभा सांसद तीरथ सिंह रावत सहित रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, पौड़ी एवं देवप्रयाग विधायक के साथ वह स्वयं भी उपस्थित रहेंगे। इस बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की समीक्षा के साथ ही स्थानीय जनता  की समस्याओं को भी सुनेंगे। मुलाकात के दौरान रुद्रप्रयाग विधायक भारत चौधरी ने रेल मंत्री से परियोजना प्रभावितों के मुआवजे की धनराशि बढ़ाने की मांग रखी तथा क्षेत्र में रेल परियोजना से क्षतिग्रस्त व आंशिक क्षतिग्रस्त भवनों, स्कूलों तथा पेयजल स्रोतों की मरम्मत हेतु प्रभावितों को मुआवजा देने की भी मांग रखी। इसी प्रकार कर्णप्रयाग विधायक अनिल नौटियाल ने कहा कि रेल परियोजना से प्रभावित परिवारों के सभी विवाहित भाइयों को अलग परिवार मानकर मुआवजा दिया जाये, क्योंकि सभी भाई सयुंक्त परिवार में न रहकर अपने अपने परिवार का भरण पोषण स्वयं करते हैं। सभी भाइयों को परिवार की अलग अलग इकाई मानकर मुआवजा दिया जाय, जबकि काशीपुर के विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने काशीपुर क्षेत्र में फ्लाईओवर के नीचे से ग्रामीणों के लिये अंडरपास बनाये जाने की मांग रखी। केंद्रीय रेलमंत्री ने अश्विन वैष्णव ने सभी जनप्रतिनिधियों को उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुलाकात के दौरान कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, विधायक रुद्रप्रयाग भारत चौधरी, विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल, विधायक काशीपुर त्रिलोक सिंह चीमा मौजूद रहे।

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