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कृषि मंत्री  जोशी ने  किया राजकीय उद्यान चौबटिया का निरीक्षण, होर्टी टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाए  गार्डन,    रिसर्च सेंटर को पुनर्जीवित करने के हों प्रयास

रानीखेत। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने  राजकीय उद्यान चौबटिया का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ विभिन्न प्रजाति के सेब तथा अन्य फलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर चौबटिया उद्यान के माध्यम से अधिक से अधिक किसानों को फलोत्पादन से जोड़ने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री जोशी  ने  विभागीय अधिकारियों को एप्पल मिशन के तहत अधिक से अधिक किसानों को बागवानी से जोड़ा जाय। जोशी  ने अधिकारियों को चौबटिया उद्यान में पर्यटन की गतिविधियां बढ़ाने के प्रयास किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को चौबटिया उद्यान होर्टी टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाए। इसके अतिरिक्त  कृषि मंत्री ने चौबटिया उद्यान के रिसर्च सेंटर को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा कि चौबटिया गार्डन का अपना एक अलग इतिहास है ,जिसका अपना एक रिसर्च सेन्टर भी हुआ करता है यहीं से लोग शोध करने अन्य प्रदेशों ने इसको अपनाया और उद्यान क्षेत्र में आगे बढ़ सके।
जोशी ने कहा कि इस उद्यान को किस तरह से विकसित किया जा सके इसके लिये अधिकारियों के साथ वार्ता की जायेगी। इस दौरान मंत्री ने बागान को विकसित किये जाने के लिए  कार्य योजना के बारे में विस्तापूर्वक जानकारी ली। उन्होंने बागान में लगाये जा रहे नई प्रजाति के पेड़ जैसे सेब, पुलम, आडू सहित अन्य पौधों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिये कि इस क्षेत्र को पर्यटन के रूप में और अधिक विकसित किया जाय ताकि ज्यादा से ज्यादा पर्यटक यहां आ सके और  जिससे उद्यान की आय से बढ़ोत्तरी हो सके।
कृषि  मंत्री ने बागान के निरीक्षण के दौरान रोपित की गयी नई प्रजातियों के पौधों को देखा और उनके फलोत्पादन के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने ग्लैन्डल्यूमेगा-इण्टर स्टॉक जिन्वा-11 प्रजाति के सेब के पौधे का रोपण किया। जोशी  ने बन्द पड़े रिसर्च सेन्टर को पुनः स्थापित करने के सम्बन्ध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के लिये 08 हॅाट यहॉ पर प्रस्तावित है। उन्हें जल्द ही इन हाटो को बनाया जायेगा ताकि आने वाले पर्यटक यहॉ पर आकर रूक सकें। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मंत्री को अवगत कराया कि सेना की वजह यहॉ पर पर्यटकों को आने व जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसके लिये यहॉ आने के लिये लोगों द्वारा एक लिंक मार्ग का सुझाव दिया है। जिस पर उन्होंने कहा कि जल्द ही सम्बन्धित अधिकारियों से इस सम्बन्ध में वार्ता की जायेगी।इस दौरान अपर निदेशक आरके सिंह, संयुक्त मजिस्टेट जयकिशन, भाजपा नगर अध्यक्ष मनीष चौधरी, जिला अध्यक्ष भाजपा लीला बिष्ट, पूर्व उपाध्यक्ष कैण्ट बोर्ड मोहन नेगी, दीप भगत, संजय पंत, प्रदीप बिष्ट,दर्शन बिष्ट, उमेश पंत, जिला विकास अधिकारी एस0के0पंत, मुख्य कृषि अधिकारी डी0 कुमार, मुख्य उद्यान अधिकारी सतीश शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।
उद्यान अधीक्षक  ने खुबानी की प्रजातियों के बारे में दी जानकारी
उद्यान अधीक्षक डॉ. ब्रजेश कुमार गुप्ता द्वारा जोशी  को जानकारी दी कि खुबानी की दो प्रजातियां बोलेरो और रुबेली के 72 पौधे रोपित किए गए हैं तथा पौधालय में भी इसके पौधे तैयार किए जा रहे हैं। उद्यान में सेब की गेलेंट ल्यूमागा, रेड लव, गाला नोर्गे, कैंडी फ्यूजी, लेडी इन रेड सहित सेब की नवीनतम प्रजाति के पौधे रोपित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि खुबानी की यह प्रजाति उत्तराखण्ड में पहली बार लगाई जा रही हैं। इनकी खासियत है कि ये है कि रंग पूर्ण रूप से लाल होता है। साथ ही उद्यान में चेरी, खुबानी, प्लम, नाशपाती, अखरोट के अलग- ब्लॉक बनाए गए हैं ।उन्होंने उद्यान में हो रहे विकास कार्यों को लेकर प्रसन्नता जताई और एक्सीलेंस सेंटर के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मंत्री ने हार्टी टूरिज्म के बारे में महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान से फोन पर वार्ता की।

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