उत्तराखंड में सहकारिता को बनाया जा रहा पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मजबूत आधार : डॉ रावत

अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस पर “सहकारी अधिनियम एवं नियमों में सुधार” विषय पर गोष्ठी आयोजित
देहरादून।अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार को उत्तराखंड सहकारिता विभाग के सभागार में “उत्तराखंड में सहकारी अधिनियम एवं नियमों में सुधार : पारदर्शिता, स्वायत्तता और टिकाऊ विकास की दिशा में” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत मौजूद रहे।
गोष्ठी में सहकारिता विभाग के निबंधक मेहरबान सिंह बिष्ट,अपर निबंधक, संयुक्त निबंधक, उप निबंधक, सहायक निबंधक सहित सभी जनपदों से आए सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारी एवं सहकारी बंधु उपस्थित रहे।
इस अवसर पर डॉ. रावत ने सहकारी क्षेत्र में आवश्यक विधिक एवं तकनीकी सुधारों की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि पारदर्शी, स्वायत्त और जवाबदेह सहकारिता व्यवस्था के निर्माण के लिए अधिनियमों और नियमों का यथासमय किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण, सुगम पंजीकरण प्रक्रिया, प्रभावी लेखा परीक्षा व्यवस्था, तथा सहकारी न्याय तंत्र को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए।
डॉ रावत ने कहा कि उत्तराखंड में सहकारिता को पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मजबूत आधार बनाया जा रहा है। उन्होंने प्रतिभागियों से सुझाव आमंत्रित करते हुए आश्वस्त किया कि सभी व्यवहारिक सुझावों को अधिनियम एवं नियमों में संशोधन को प्राथमिकता दी जाएगी।
8 और 9 जुलाई को आयोजित मंथन शिविर में पूर्ण तैयारी को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया गया। इसके साथ ही मंथन शिविर में सभी जनपदों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी
सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मंथन शिविर के बाद सभी शीर्ष सहकारी संस्थाओं की अब तक की प्रगति रिपोर्ट वह स्वयं देखेंगे ।सभी शीर्ष संस्थाओं के प्रबंध निदेशकों को मंथन बैठक के बाद प्रेजेंटेशन रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए गए ।
पैक्स समितियां को बिजनेस डेवलपमेंट प्लान के तहत रिपोर्ट बनाने के सहकारिता मंत्री ने निर्देश दिए।
कार्यक्रम का समापन सहभागी विचार-विमर्श के साथ हुआ, जिसमें सभी अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने सहकारिता को उत्तराखंड के समग्र विकास से जोड़ने के लिए अपने सुझाव और संकल्प व्यक्त किए।
अपर निबंधक ईरा उप्रेती, अपर निबंधक आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल, मंगला त्रिपाठी , उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल ,सहायक निबंधक राजेश चौहान, मोनिका चूनेरा, एडीसीओ दिग्विजय बड़थ्वाल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





