यूसीसी मामले में उत्तराखंड हाईकोर्ट में 15 अकटूबर को होगी सुनवाई

यूसीसीसी-2025 को चुनौती देने वाली व प्रभावित लोगों की तरफ से दायर याचिकाओं पर एक साथ की सुनवाई
नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की और से लागू किये गए यूसीसीसी-2025 को चुनौती देने वाली कई जनहित याचिकाओं सहित प्रभावित लोगों की तरफ से दायर याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ ने अगली सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तिथि नियत की है। बता दें मंगलवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान केंद्र के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तिथि देने का अनुरोध कोर्ट से किया , लेकिन याचिकि कर्ताओं की तरफ से पैरवी कर रहे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजूरं चद्रंन कीर्ति सिंह व वृन्दरा ग्रोवर ने कोर्ट से इस मामले की सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर बुधवार की तिथि नियत करने की प्रार्थना की, जिस पर कोर्ट ने सहमत होकर अगली सुनवाई की तिथि 15 अक्टूबर की नियत की है। मामले के अनुसार यूसीसी को लेकर अभी तक उच्च न्यायलय में प्रभावित व अन्य समुदायों ने इसे चुनौती दी गयी है जिन पर सुनवाई करते हुए पूर्व से अब तक कोर्ट ने जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश राज्य सरकार को दिये थे । राज्य सरकार ने अब इसमें अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है, अभी तक जो याचिकाएं दायर की गई हैं उनमें से खासकर मुस्लिम सुमदाय व लिव इन रिलेशन में रह रहे लोगों के द्वारा दायर की गई हैं। लिव इन रिलेशन में रह रहे लोगों का कहना है कि जो फार्म रजिस्ट्रेशन के लिए उनसे भरवाया जा रहा है, उसमें उनसे कई तरह की पूर्व जानकारी मांगी गई है। अगर वे पूर्व की जानकारी फार्म में फील करते हैं तो उन्हें जानमाल का खतरा भी हो सकता है। वर्तमान की शर्तेतो वो सब ठीक है। पूर्व की देने के उनकी व्यक्तिगत प्राइवेषी के खिलापफ है इसको संशोधित किया जाए।





