वरिष्ठ पत्रकार राकेश खंडूरी का आकस्मिक निधन, मुख्यमंत्री धामी ने आवास पर पहुंचकर जताया शोक

पत्रकार संगठनों, प्रेस क्लबों, राजनीतिक दलों व नेताओं ने व्यक्त की शोक संवदेनाएं
देहरादून । उत्तराखंड राज्य के वरिष्ठ पत्रकार एवं एक दैनिक अखबार के स्टेट ब्यूरो हेड राकेश खंडूरी का गुरुवार की सुबह आकस्मिक देहांत हो गया I उनके देहांत से पत्रकारिता जगत सहित राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में भी शोक की लहर हैI मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकार राकेश खंडूरी के डोईवाला स्थित आवास पर पहुंचकर अपनी शोक संवेदनाएं व्यक्त की और परिजनों को ढांडस बंधाया I मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर उजाला के उत्तराखण्ड राज्य ब्यूरो प्रमुख राकेश खंडूड़ी के निधन पर दुःख व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है ।
जानकारी के अनुसार, पत्रकार राकेश खंडूरी का इलाज एम्स ऋषिकेश में चल रहा था, उनको हार्ट ब्लॉकेज के कारण बायपास सर्जरी हुई थी। गुरुवार की सुबह खंडूरी के देहांत के बाद उनके डोईवाला आवास पर पत्रकारों, राजनेताओं और सामाजिक क्षेत्र के बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की। दोपहर बाद हरिद्वार घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
डीजी सूचना तिवारी ने व्यक्त की संवेदनाएं
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने भी वरिष्ठ पत्रकार एवं ब्यूरो प्रमुख राकेश खंडूड़ी के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है।
राकेश खंडूरी का निधन एक अपूर्णीय क्षति: महाराज
कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने वरिष्ठ पत्रकार राकेश खंडूरी के असामायिक निधन पर दुःख जताते हुए अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। राकेश खंडूरी के निधन को सम्पूर्ण पत्रकारिता जगत की एक अपूर्णीय क्षति बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की पत्रकारिता ने एक अनमोल धरोहर को खो दिया है।
शालीन व्यवहार के पत्रकार थे खंडूरीः डॉ. बंसल
भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व सासंद राज्यसभा डॉ.नरेश बंसल ने वरिष्ठ पत्रकार राकेश खंडूड़ी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है व उन्होने इसे अपूरणीय क्षति बताया। डा. नरेश बंसल ने कहा कि राकेश खंडूड़ी समाज में अपनी सादगी एवं शालीन व्यवहार के लिए पहचाने जाते थे। राकेश खंडूरी लंबे समय से पत्रकारिता से जुड़े थे और उत्तराखंड मे पत्रकारों की एक सशक्त आवाज के रूप में जाने जाते थे।





