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देश व प्रदेश को मिली बड़ी सौगात- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया राष्ट्रपति तपोवन और निकेतन का उद्घाटन , पर्यटकों के लिए जल्द खुलेगा

राज्यपाल गुरमीत सिंह और सीएम पुष्कर धामी  रहे मौजूद,
 राष्ट्रपति तपोवन 24 जून व निकेतन 1 जुलाई से देख सकेगी जनता,
आगंतुक सुविधा केंद्र, कैफेटेरिया और सोविनियर शॉप सहित सार्वजनिक सुविधाओं का भी उद्घाटन किया,
राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के छात्रों से की मुलाकात
देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देहरादून में शुक्रवार को राष्ट्रपति तपोवन और राष्ट्रपति निकेतन का उद्घाटन किया। उन्होंने आगंतुक सुविधा केंद्र, कैफेटेरिया और सोविनियर शॉप सहित सार्वजनिक सुविधाओं का उद्घाटन किया और राष्ट्रपति निकेतन में राष्ट्रपति उद्यान की आधारशिला रखी। उन्होंने गुरुवार शाम को राष्ट्रपति निकेतन में एक एम्फीथिएटर का भी उद्घाटन किया था। इस अवसर पर राज्यपाल ले.जन. गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जैव विविधता पर पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर राष्ट्रपति निकेतन, राष्ट्रपति तपोवन और राष्ट्रपति उद्यान की जैव विविधता पर एक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। इस पुस्तक में राष्ट्रपति निकेतन, तपोवन और उद्यान की 300 से अधिक वनस्पतियों और 170 से अधिक जीवों की प्रजातियों का विवरण है, जिनमें तितलियाँ, पक्षी और स्तनधारी शामिल हैं।
ये हैं राष्ट्रपति निकेतन की खूबियां
देहरादून में राजपुर मार्ग पर स्थित राष्ट्रपति तपोवन, हिमालय की तलहटी के 19 एकड़ में विस्तारित राष्ट्रपति भू-सम्पदा का एक हिस्सा है और यह आध्यात्मिक आश्रय स्थल और पारिस्थितिकी संरक्षण को प्रोत्साहित करता है। यहां देशी वनस्पतियों से समृद्ध एक घने जंगल, तपोवन में 117 पौधों की प्रजातियां, 52 तितलियां, 41 पक्षी प्रजातियां और 7 जंगली स्तनधारी हैं, जिनमें कुछ संरक्षित प्रजातियां भी शामिल हैं। इस क्षेत्र में प्राकृतिक बांस के बाग़ और एकांत वनस्थली पारिस्थितिकी तंत्र मौजूद है।
राष्ट्रपति निकेतन की स्थापना 1976 में राष्ट्रपति निवास के रूप में की गई थी। इसकी समृद्ध विरासत 1838 से चली आ रही है, जब यह एस्टेट गवर्नर जनरल के अंगरक्षक के लिए ग्रीष्मकालीन शिविर के रूप में कार्य करता था। यह 21 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें लिली तालाब, ऐतिहासिक इमारतें, बाग और अस्तबल शामिल हैं। ये परिसर कुल 132 एकड़ में विस्तारित है । इसमें राष्ट्रपति उद्यान व सार्वजनिक पार्क आदि शामिल हैं।

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