उत्तराखण्डदेहरादून

उत्तराखंड कैबिनेट ने 4 प्रस्तावों को दी हरी झंडी, जुलाई में होगा विधानसभा का मानसून सत्र, तिथि व स्थान तय करेंगे मुख्यमंत्री

विशेष शिक्षा शिक्षक सेवा नियमावली 2025 को मिली मंजूरी,
पंचायती राज को मिली नई जिम्मेदारी
देहरादून। उत्तराखण्ड विधानसभा का आगामी मानसून सत्र जुलाई में होगा। कैबिनेट ने सत्र बुलाने को मंजूरी दे दी है। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने का अधिकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपा गया है। अब यह मुख्यमंत्री तय करेंगे कि मानसून सत्र कब से और कहां आयोजित होगा।
मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में  चार महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। लगभग पौने दो घंटे चली बैठक में राज्य की नीतिगत दिशा और प्रशासनिक निर्णयों पर चर्चा हुई।
कैबिनेट की बैठक में विधानसभा के आगामी मानसून सत्र को लेकर अहम फैसला लिया गया। कैबिनेट ने जुलाई महीने में सत्र बुलाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। हालांकि सत्र की तिथि और स्थान मुख्यमंत्री पुष्कर धामी तय करेंगे।
बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में भी एक बड़ा निर्णय लिया गया। उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक सेवा नियमावली 2025 को मंजूरी प्रदान की गई, जिसके तहत प्रदेश में विशेष शिक्षा शिक्षकों के 135 पदों पर भर्ती की जाएगी। इससे विशेष जरूरतों वाले बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इसके साथ ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तृतीय चरण को शुरू करने की दिशा में भी कार्रवाई तेज हो गई है। कैबिनेट ने इस कार्यक्रम को राज्य में लागू करने के लिए पंचायती राज विभाग को अधिकृत किया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता संबंधी कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड विशेष शिक्षा शिक्षक सेवा नियमावली 2025 को मंजूरी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शासन की और से सृजित 135 विशेष शिक्षा शिक्षकों के पदों की भर्ती के लिए नियमावली में संशोधन कर इसे मंत्रिमंडल से पारित किया गया। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के 7 मार्च 2025 के आदेश के तहत यह फैसला लिया गया, जिसके बाद 20 मार्च को 135 पद सृजित किए गए थे। इस नियमावली के लागू होने से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा में गुणवत्ता और सशक्तिकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था में समावेशी सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) तृतीय चरण को लेकर निर्णय लिया गया है। कार्यक्रम के तीसरे चरण के लागू होने की दशा में 1 अप्रैल 2026 से इसे क्रियान्वित करने के लिए पंचायती राज विभाग को अधिकृत किया गया है। यह निर्णय गांवों में स्वच्छता अभियान को और गति देगा। एकल सदस्य समर्पित आयोग की तृतीय रिपोर्ट पर मंत्रिमंडलीय उप समिति के सुझावों को कैबिनेट में प्रस्तुत किया गया। कैबिनेट में समिति की और से दी गई संस्तुतियों को अवलोकन में लिया गया। संबंधित विभागों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।

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