अंगदान से करें मानवता की सेवा, अंगदान करके दे नया जीवन विषय पर लोगोंं को किया जागरूक, GDMC ने चलाया अभियान

अंगदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा:डॉ अनुपमा आर्या,
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग ने संवाद कार्यक्रम किया आयोजित
देहरादून।राष्ट्रीय अंगदान दिवस-2025 के अंतर्गत अंगदान “जीवन संजीवनी अभियान” के तहत राजकीय दून मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा संवाद कार्यक्रम सहित जन जागरूकता रैली निकाली गई। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ आशुतोष सयाना एवं प्राचार्य डॉ गीता जैन के निर्देशन में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ अनुपमा आर्या के नेतृत्व में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र,नयागांव पेलियो के बुड्ढी गांव एवं शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र, मेहुवाला में समुदाय को अंगदान विषय पर विभिन्न जानकारियां प्रदान की गई ।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ) अनुपमा आर्या ने बताया कि अंगदान मानवता की एक सबसे बड़ी सेवा है जो किसी को नया जीवन प्रदान करने में सहायक होती है।अंगदान से 08 से अधिक लोगों को जीवनदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ सुमित ने बताया कि 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति स्वैच्छिक अंगदान कर सकता है और किसी को नया जीवन देकर पुण्य का पूर्ण लाभ अर्जित कर सकता है।
मेडिकल सोशल वर्कर महादेव गौड़ ने जानकारी दी कि अंगदान सभी दानों में श्रेष्ठ दान है, क्योंकि यह जीवित रहते हुए अथवा मृत्यु के पश्चात किसी जरूरतमंद को नया जीवन देकर उसके जीवन में एक नई उम्मीद जगा सकता है।
इस उपलक्ष में डॉ सुनील और डॉ सुदीक्षा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अंगदान करना चाहता है तो वह नोटो
की अधिकारिक साइट पर पंजीकरण करा सकता है।
इस अवसर पर समुदाय के लोगों को अंगदान के प्रति शपथ भी दिलाई गई।
अंगदान जीवन संजीवनी अभियान के अंतर्गत राजकीय दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून परिसर से देहराखास तक जन जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें संकाय सदस्यों सहित मेडिकल सोशल वर्कर, इंटर्न एवं एमबीबीएस छात्रों ने प्रतिभाग किया और संदेश पूर्ण नारों से समुदाय को जागृत किया गया।
इस संपूर्ण अभियान में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग से डॉ ऋचा सिन्हा, डॉ सुनील, डॉ सुदीक्षा, डॉ मधुलिका, डॉ शालिनी, डॉ नरेश, डॉ भारती, डॉ मोनोजीत, डॉ मोहित, डॉ पूजा, डॉ शिवानी एवं मेडिकल सोशल वर्कर रमेश चंद्र, राजेश उनियाल, अखिलेश असवाल, उमा गुसाईं आदि का सराहनीय योगदान रहा।





