उत्तरकाशी- आपदा प्रभावित धराली में रेस्क्यू ऑपरेशन तेज,अब तक 1273 लोग निकाले गए हर्षिल में बिजली व संचार बहाल

सड़क की कनेक्टिविटी पर फोकस,लिम्चागाड़ पुल तैयार होने से अभियान तेज होने की उम्मीद, मुख्यमंत्री धामी स्वयं रेस्क्यू ऑपरेशन की कर रहे समीक्षा
उत्तरकाशी : जनपद उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित धराली- हर्षिल वैली में आपदा राहत कार्य के छठे दिन मौसम साफ होने के बाद हवाई रेस्क्यू दोबारा शुरू हुआ है ।अब तक 1273 लोगों को हेली ऑपरेशन के जरिये हर्षिल से मातली हेलीपैड, चिन्यालीसौड़ हवाईपट्टी तथा देहरादून पहुंचाया जा चुका है।
प्रभावित लोगों को भारतीय सेना के एमआई 17 और चिन्नू समेत राज्य सरकार के हैलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाले गए हैं। भारत चीन सीमा और गंगोत्री धाम को जोड़ने वाला लिम्चागाड़ पुल तैयार होने से अभियान तेज होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा कर रहे हैं।
उत्तरकाशी में आपदा राहत कार्य के छठे दिन रविवार दश बजे मौसम साफ होने के बाद हर्षिल और धराली से हवाई रेस्क्यू दोबारा शुरू हुआ।अब तक 1273 से ज्यादा लोग सुरक्षित निकाले गए हैं।
इनमें से 480 लोगों को शनिवार हर्षिल और नेलांग से निकालकर जोलीग्रांट, मटली और चिन्यालीसौड़ पहुंचाया गया। हेलीकॉप्टरों के 270 सोर्टीज के जरिए चिन्यालीसौड़, जॉलीग्रांट, मातली और हर्षिल से आपदाग्रस्त क्षेत्रों के लोगों को पहुंचाया गया है।
गौरतलब है कि 5 अगस्त को जिले के धराली में धराली में एक स्थानीय मेला ‘हरदूदू’ का आयोजन भी होना था। इसमें शामिल होने के लिए उत्तरकाशी और आस-पास के इलाकों से भी लोग आए हुए थे। इसके अलावा स्थानीय लोग, होटल, होमस्टे में काम करने वाले कर्मचारी और मजदूर भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। ठीक दिन के 1: 25 मिनट पर महज 34 सैकड में खीर गंगा के रौद्र रूप में आने के बाद तबाही और राहत-बचाव कार्यों की तस्वीरें, सामने आई हैं। राज्य सरकार पूरी तत्परता से राहत और बचाव कार्यों में लगी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी न सिर्फ़ उत्तरकाशी पहुंचे ,बल्कि तीन दिनों तक वहीं प्रवास किया , ताकि राहत-बचाव कार्यों की नजदीक से मॉनीटरिंग हो सके।





