उत्तराखण्डदेहरादूनराजनीति

पंचायतों में भी भाजपा ने फहराया परचम , ट्रिपल इंजन की सरकार में जनता का दिखा विश्वास, ग्राम प्रधान 85, ब्लॉक प्रमुख 70 व जिला पंचायत अध्यक्ष के 92 फीसदी पद जीते

 भाजपा ने कांग्रेस को किया चारों खाने चित ,
भाजपा ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए अपनी राह को किया हमवार,
भट्ट ने  पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम धामी के नेतृत्व की जीत बताया 
एस. आलम अंसारी
देहरादून। पंचायत चुनाव में जिला पंचायत अध्यक्ष व ब्लॉक प्रमुख के लिए मतगणना से पहले भाजपा ने जीत के जो दावे किए थे, वे लगभग सच साबित हुए हैं।
भाजपा ने जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख चुनाव में प्रचंड जीत हासिल कर 2027 विधानसभा चुनाव के लिए भी
अपनी राह को लगभग हमवार कर लिया है। पंचायत चुनाव में भाजपा को प्रचंड जीत मिली है।
प्रदेश की 12 जिला पंचायतों में से 10 अध्यक्ष पद भाजपा ने जीते हैं।ग्राम प्रधान के 85 , ब्लॉक प्रमुख 70 व
जिला पंचायत अध्यक्ष के 92 फीसदी पद अपने नाम किए हैं। इन विधि सबसे खास बात यह रही है कि सत्ता पक्ष भाजपा ने 5 जिला पंचायतों में निर्विरोध जीत हासिल की है। उत्तरकाशी में रमेश चौहान, चंपावत में  आनंद सिंह अधिकारी, उद्यम सिंह नगर में  अजय मौर्य और पिथौरागढ़ में  जितेंद्र प्रसाद, टिहरी से इशिता सजवाण
ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्विरोध जीत दर्ज की है। बड़ी संख्या में भाजपा प्रत्याशियों ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव निर्विरोध जीता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पंचायत चुनाव में मिली बंपरजीत का श्रेय पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं दिया है। भट्ट ने जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे न केवल जनता ने सीएम पुष्कर सिंह धामी की विकास नीति पर मुहर लगाई है, बल्कि विकास को और गति देने का मार्ग भी प्रशस्त किया है।85 फ़ीसदी से अधिक प्रधान पदों पर निर्वाचित हुए हैं। इसी तरह ब्लॉक प्रमुख की 70 फ़ीसदी से अधिक सीटें भाजपा उम्मीदवारों ने जीती है। वहीं अब तक सामने आए 11 जिला पंचायत अध्यक्ष के नतीजे में 10 भाजपा के पक्ष में आए हैं।
भट्ट ने इसे पीएम मोदी के मार्गदर्शन और सीएम धामी के नेतृत्व की जीत बताया है। पंचायत की ये जीत 27 के चुनावों में ट्रिपल इंजन की हैट्रिक लगाने में कारगर साबित होगी।
नैनीताल में शांतिपूर्ण मतदान में बाधा पहुंचाना चाहते हैं कांग्रेस नेता: भट्ट
देहरादून। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेद्र भट्ट ने कहा कि कांग्रेस नैनीताल में शांतिपूर्ण मतदान में व्यवधान उत्पन्न करने के लिए उग्र वातावरण बनाना चाहती है और इसका नजारा गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान  दिख गया है। उन्होंने घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गयी और गुंडागर्दी की गयी। नेता प्रतिपक्ष और वहाँ के विधायक ऐसा वातावरण बना रहे थे उन्हें जवाब देना चाहिए। आखिरकार उनके हाथ में 15 निर्वाचित सदस्यों के प्रमाण पत्र कैसे  आये, क्योंकि वह मतदाताओं के हाथ रहने चाहिए थे।
भट्ट ने कहा कि  जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख चुनावों में जीत का दावा करने वाली कांग्रेस, नतीजे आने से पहले ही ऐसे पीछे हट गई मानो मैदान में आई ही न हो। जिला पंचायत की 12 सीटों में से सिर्फ 4 पर और ब्लॉक प्रमुख के 89 पदों में से सिर्फ 7 पर उम्मीदवार उतारना ये किस तरह का चुनावी जोश है? बाक़ी जगह पर हार-जीत तो भाजपा और निर्दलीयों के बीच ही होनी है, कांग्रेस का नाम-ओ-निशान भी नहीं।
इसके बाद भी कांग्रेस आरोप लगा रही है कि भाजपा दल-बल का इस्तेमाल कर रही है। अब भला, जब आप खुद दौड़ में उतरे ही नहीं तो भाजपा पर आरोप लगाना थोड़ा अजीब नहीं लगता है? ये तो वैसा हुआ जैसे मैच शुरू होने से पहले ही पवेलियन लौट आना और फिर कहना हमारी हार इसलिए हुई क्योंकि सामने वाली टीम ज़्यादा खेल रही थी।”
असल में, सीएम धामी के विकास कार्यों से घबराई कांग्रेस को शायद पहले ही पता था कि जनता के फैसले का सामना करना मुश्किल होगा। इसलिए मैदान छोड़कर अब दूर से तीर चलाने की कोशिश हो रही है। लेकिन सच यही है कि तीर भी बोझिल है और निशाना भी धुंधला हो गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button