केदारनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद, 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बने साक्षी

रिकार्ड संख्या में साढ़े सत्रह लाख से अधिक श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम पहुंचे, मुख्य मंत्री पुष्कर धामी ने यात्रा से जुड़े सभी लोगो को धन्यवाद दिया,
शीतकाल में केदारनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था रहेगी पुख्ता, गद्दीस्थलों में शीतकालीन पूजाओं को प्रोत्साहित करेंगे: हेमंत द्विवेदी
केदारनाथ/रुद्रप्रयाग। ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट गुरूवार को प्रातः 08:30 बजे सेना के बैंड की भक्ति धुनों तथा जय बाबा केदार के उदघोष के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शीतकाल के लिए बंद हो गये। कपाट बंद होने के बाद आज ही बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली ने सेना के बैंड तथा जयघोष के साथ पहले पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान किया इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंचमुखी डोली को शीतकालीन गद्दीस्थल के प्रथम पड़ाव के लिए प्रस्थान करवाया। केदारनाथ में सर्द मौसम के बीच इस अवसर पर 10 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट बंद होने के साक्षी बने।
कपाट बंद के अवसर के लिए मंदिर को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया था तथा श्रद्धालुओं ने भंडारे का भी आयोजित किये।
कपाट बंद होने की प्रक्रिया से पहले श्रद्धालुओं ने मंदिर में अखंड ज्योति के दर्शन किये इसके बाद कपाट बंद की प्रक्रिया के अंतर्गत ब्रह्ममुहुर्त में केदारनाथ धाम के पुजारी बागेश लिंग तथा आचार्यगणों , श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित जिला प्रशासन, तथा तीर्थ पुरोहितों हकहकूकधारियों ने पूरब द्वार से मंदिर के गर्भगृह परिसर में प्रवेश किया तथा समाधि पूजा में शामिल हुए।यज्ञ- हवन समाधि पूजा के पश्चात पुजारी बागेश लिंग ने भगवान केदारनाथ के स्वंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया। स्थानीय पुष्पों कुमजा, बुकला, राख सहित ब्रह्म कमल,शुष्क फूल पत्तों से ढ़क दिया गया। जय बाबा केदार के उदघोष के साथ मंदिर गर्भगृह बंद हो गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी की उपस्थिति में प्रातः साढ़े आठ बजे मंदिर का पूर्वी तथा दक्षिण द्वार बंद हो गया इससे बाद पंचमुखी डोली को बाहर मंदिर परिसर में लाया गया तथा डोली ने श्री केदारनाथ मंदिर की परिक्रमा के पश्चात प्रथम पड़ाव रामपुर हेतु प्रस्थान किया सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पंच मुखी डोली के साथ प्रस्थान किया।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि कपाट बंद तक रिकार्ड 1768795 ( सत्रह लाख अड़सठ हजार सात सौ पिचानबे) तीर्थयात्रियों ने भगवान केदारनाथ के दर्शन किये है।
उन्होंने कहा कि इस बार आपदा को छोड़ दे तो कुल मिलाकर केदारनाथ यात्रा सुगम एवं सुरक्षित रही है। जबकि पिछले यात्रा वर्ष 2024 में कुल 1652076 ( सोलह लाख बावन हजार छियत्तर )तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किये इस बार पिछले यात्रा वर्ष की तुलना में केदारनाथ पहुंचे तीर्थयात्रियों की संख्या सवा लाख अधिक रही है ।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि आज कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पंचमुखी देव डोली ने केदारनाथ धाम से प्रस्थान किया तथा आज ही प्रथम पड़ाव रामपुर रात्रि विश्राम को पहुंचेगी। 24 अक्टूबर रामपुर से प्रस्थान कर रात्रि विश्राम को श्री विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी और 25 अक्टूबर को भगवान केदारनाथ जी की पंच मुखी डोली गुप्तकाशी से शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ पहुंच जायेगी।
इस अवसर पर श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष नैनीताल प्रताप बिष्ट, रूद्रप्रयाग जिलाध्यक्ष भारत भूषण कुकरेती,भाजपा नेता विनय उनियाल , कृषि विपणन बोर्ड अध्यक्ष अनिल डब्बू, बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे,बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी/ कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी,बीकेटीसी सदस्य महेंद्र शर्मा,प्रह्लाद पुष्पवान, राजेंद्र प्रसाद डिमरी देवीप्रसाद देवली, डा. विनीत पोस्ती, दिनेश डोभाल, प्रभारी अधिकारी यदुवीर पुष्पवान सहित पुलिस प्रशासन, एनडीआरएफ एसडीआरएफ के अधिकारी -जवान, मंदिर समिति तथा यात्रा से जुड़े विभागीय कर्मचारी अधिकारी तथा बड़ी संख्या में तीर्थयात्री मौजूद रहे।





