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बड़ी कामयाबी – करोड़ों की धोखाधड़ी में शामिल गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा को दुबई से दबोच लाई उत्तराखंड पुलिस

सीबीसीआईडी ने गिरोह के सरगना को न्यायालय में किया पेश
देहरादून/पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री ने अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ बडा ऑपरेशन चलाया हुआ है और उन्होंने दो टूक संदेश दे रखा है कि अगर कोई अपराधी या माफिया उत्तराखण्ड से अपराध करके विदेश भागने में सफल भी हो गया हो तो उसे वहां से खींचकर उत्तराखण्ड की जेल में सलाखों के पीछे पहुंचाया जायेगा। उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि जब खाकी ने एक गैंगेस्टर को दुबई से खींचकर उत्तराखण्ड की जेल में डालकर यह संदेश दे दिया कि अब कोई भी अपराधी उसकी रडार से नहीं बच पायेगा।
पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि उत्तराखण्ड पुलिस की सीबीसीआईडी द्वारा एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) से लंबे समय से फरार चल रहे वांछित गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा को प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। गैंगेस्टर पर विभिन्न फर्जी निवेश योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने, संगठित गिरोह बनाकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने तथा अनेक आपराधिक प्रकरणों में संलिप्त रहने के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि लीलाधर पाटनी, निवासी पिथौरागढ़ द्वारा गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा, ललित पुनेठा, चन्द्र प्रकाश पुनेठा निवासी सिलपाटा, पिथौरागढ़ तथा पंकज शर्मा निवासी झारखंड के विरुद्ध निर्मल बंग कमोडिटी में निवेश का झांसा देकर 8,00,000 की धोखाधड़ी किए जाने पर कोतवाली पिथौरागढ़ में 3 यूपीआईडी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद ललित पुनेठा एवं पंकज शर्मा को गिरफ्तार कर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया, जबकि लगातार फरार रहने पर जगदीश पुनेठा के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की गई तथा चार जुलाई 2024 को मफरूरी में आरोप पत्र प्रेषित किया गया था। गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा के विरुद्ध शेयर बाजार, निर्मल बंग कमोडिटी, रॉयल पैन्थर प्रा. लि., मात्रछाया आभूषण प्रा. लि. आदि में निवेश कराने के नाम पर अनेक लोगों से धोखाधड़ी के मामले थाना पिथौरागढ़ एवं थाना जाजरदेवल में पंजीकृत हैं। इसी क्रम में संगठित गिरोह बनाकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने पर दिनांक सोलह जनवरी 2023 को एक अभियोग दर्ज किया गया था। गैंगेस्टर की गिरफ्तारी के लिए वर्ष 2022 में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा पचास हजार का इनाम घोषित किया गया था।
इस मामले की विवेचना सीबीसीआईडी, सैक्टर हल्द्वानी के निरीक्षक प्रताप सिंह नेगी द्वारा की जा रही है। विवेचना में खुलासा हुआ कि गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा एवं उसके सहयोगियों ने लगभग करोडो की धोखाधड़ी की तथा कुल 2,22,40,463 की चल-अचल संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की है। पुलिस मुख्यालय की ओर से बताया कि गैंगेस्टर पर कार्यवाही करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान एवं रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। पिथौरागढ़ पुलिस के तकनीकी एवं मैनुअल इनपुट के आधार पर गैंगेस्टर के दुबई में छिपे होने की पुष्टि हुई। इसके मद्देनजर सीबीसीआईडी, उत्तराखण्ड द्वारा सीबीआई के माध्यम से इंटरपोल से समन्वय स्थापित कर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया था। इसी आधार पर एनसीबी अबू धाबी (इंटरपोल) की सहायता से गैंगेस्टर को दुबई में गिरफ्तार किया गया। गैंगेस्टर की हिरासत के बाद एनसीबी अबू धाबी द्वारा सीबीआई के माध्यम से एक सुरक्षा मिशन गठित किए जाने की सूचना उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदान की गई थी। बताया गया कि सीबीसीआईडी की एक टीम को दुबई भेजा गया था। सुरक्षा मिशन द्वारा गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। गैंगेस्टर को न्यायालय पिथौरागढ़ में पेश किया गया है। सीबीसीआईडी ने जिस तरह से गैंगेस्टर को दुबई से दबोचकर उत्तराखण्ड की जेल में डाला है, उससे यह साफ हो गया है कि अब कोई अपराधी या माफिया उसकी नजर से नहीं बच पायेगा।
पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि उत्तराखण्ड पुलिस की सीबीसीआईडी द्वारा एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए दुबई (संयुक्त अरब अमीरात) से लंबे समय से फरार चल रहे वांछित गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा को प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। गैंगेस्टर पर विभिन्न फर्जी निवेश योजनाओं के माध्यम से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने, संगठित गिरोह बनाकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने तथा अनेक आपराधिक प्रकरणों में संलिप्त रहने के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि लीलाधर पाटनी, निवासी पिथौरागढ़ द्वारा गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा, ललित पुनेठा, चन्द्र प्रकाश पुनेठा निवासी सिलपाटा, पिथौरागढ़ तथा पंकज शर्मा निवासी झारखंड के विरुद्ध निर्मल बंग कमोडिटी में निवेश का झांसा देकर 8,00,000 की धोखाधड़ी किए जाने पर कोतवाली पिथौरागढ़ में 3 यूपीआईडी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना के बाद ललित पुनेठा एवं पंकज शर्मा को गिरफ्तार कर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया, जबकि लगातार फरार रहने पर जगदीश पुनेठा के विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई की गई तथा चार जुलाई 2024 को मफरूरी में आरोप पत्र प्रेषित किया गया था। गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा के विरुद्ध शेयर बाजार, निर्मल बंग कमोडिटी, रॉयल पैन्थर प्रा. लि., मात्रछाया आभूषण प्रा. लि. आदि में निवेश कराने के नाम पर अनेक लोगों से धोखाधड़ी के मामले थाना पिथौरागढ़ एवं थाना जाजरदेवल में पंजीकृत हैं। इसी क्रम में संगठित गिरोह बनाकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने पर दिनांक सोलह जनवरी 2023 को एक अभियोग दर्ज किया गया था। गैंगेस्टर की गिरफ्तारी के लिए वर्ष 2022 में उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा पचास हजार का इनाम घोषित किया गया था।
इस मामले की विवेचना सीबीसीआईडी, सैक्टर हल्द्वानी के निरीक्षक प्रताप सिंह नेगी द्वारा की जा रही है। विवेचना में खुलासा हुआ कि गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा एवं उसके सहयोगियों ने लगभग करोडो की धोखाधड़ी की तथा कुल 2,22,40,463 की चल-अचल संपत्ति अवैध रूप से अर्जित की है। पुलिस मुख्यालय की ओर से बताया कि गैंगेस्टर पर कार्यवाही करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभियान एवं रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। पिथौरागढ़ पुलिस के तकनीकी एवं मैनुअल इनपुट के आधार पर गैंगेस्टर के दुबई में छिपे होने की पुष्टि हुई। इसके मद्देनजर सीबीसीआईडी, उत्तराखण्ड द्वारा सीबीआई के माध्यम से इंटरपोल से समन्वय स्थापित कर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया गया था। इसी आधार पर एनसीबी अबू धाबी (इंटरपोल) की सहायता से गैंगेस्टर को दुबई में गिरफ्तार किया गया। गैंगेस्टर की हिरासत के बाद एनसीबी अबू धाबी द्वारा सीबीआई के माध्यम से एक सुरक्षा मिशन गठित किए जाने की सूचना उत्तराखण्ड पुलिस को प्रदान की गई थी। बताया गया कि सीबीसीआईडी की एक टीम को दुबई भेजा गया था। सुरक्षा मिशन द्वारा गैंगेस्टर जगदीश पुनेठा को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। गैंगेस्टर को न्यायालय पिथौरागढ़ में पेश किया गया है। सीबीसीआईडी ने जिस तरह से गैंगेस्टर को दुबई से दबोचकर उत्तराखण्ड की जेल में डाला है, उससे यह साफ हो गया है कि अब कोई अपराधी या माफिया उसकी नजर से नहीं बच पायेगा।





