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भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने कहा – सिख समुदाय के अपमान के बाद कांग्रेस में चल रही पश्चाताप की नौटंकी ,सहूलियत के हिसाब से सभी साध रहे हित

भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ने साधा पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि सिख समुदाय के अपमान के बाद कांग्रेस में पश्चाताप की जो नौटंकी चल रही है ,उससे यह बात जरूर सामने आ रही है कि सिख समुदाय के अपमान से किसी को कोई लेना देना नही, बल्कि सहूलियत के हिसाब से सभी हित साध रहे हैं।
चौहान ने पूर्व सीएम हरीश रावत की गुरुद्वारे में सेवा को नौटंकी करार देते हुए कहा कि अगर वह ऐसा देव भूमि की सनातनी जनता के सामने भी प्रायश्चित का भाव रखते तो कांग्रेस के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा नही होता। उन्होंने कहा कि हरदा अपने कृत्य को बड़ी खूबसूरती से छिपाने और दूसरों पर दोष मढ़ने में माहिर हैं, लेकिन जनता से बचना आसान नही है।
चौहान ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के माल्टे ही नही, बल्कि सभी फल रसीले हैं। माल्टा पार्टी में वह स्वाद विहीन हो गए, क्योकि उनका भाव राजनैतिक था। पार्टी का मकसद फल काश्तकारों के उत्पादों की एमएसपी बढ़ाने की नही, बल्कि राजनैतिक मकसद का आयोजन था। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिकी के लिए केंद्र नीत मोदी सरकार या राज्य में सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कार्य योजना बनाकर जो धरातलीय क्रियान्वयन किया वह अभुतपूर्व है। महज शब्दों की चासनी में कृषि और बागवानी नही हो रही। संस्कृति को बचाने के लिए राज्य में अभियान भी चल रहे हैं, जिसका तुष्टिकरण की खातिर कांग्रेस विरोध कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह पूर्व सीएम ही बता सकते हैं कि क्या उन्होंने अपने दल में विष पुरुषों की पहचान कर ली है या उन्हे माफ कर दिया है? उन्होंने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक मंच पर कार्यकर्ताओ को आगाह किया था कि पार्टी में जो विष पुरुष हैं ,उन्हे अधिक महत्व न दिया जाए। क्या हरदा उसी विष को झोली में लेने के लिए सेवा कर रहे हैं।
चौहान ने कहा कि यह सब उस अपमान से ध्यान भटकाने के लिए हो रहा है और सिख समुदाय सहित प्रदेश की जनता इसे बेहतर जानती है। उन्होंने कहा कि इससे अब पार्टी मे प्रतियोगिता भी शुरू हो गयी है और सबका मकसद राजनैतिक है।
देहरादून। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि सिख समुदाय के अपमान के बाद कांग्रेस में पश्चाताप की जो नौटंकी चल रही है ,उससे यह बात जरूर सामने आ रही है कि सिख समुदाय के अपमान से किसी को कोई लेना देना नही, बल्कि सहूलियत के हिसाब से सभी हित साध रहे हैं।
चौहान ने पूर्व सीएम हरीश रावत की गुरुद्वारे में सेवा को नौटंकी करार देते हुए कहा कि अगर वह ऐसा देव भूमि की सनातनी जनता के सामने भी प्रायश्चित का भाव रखते तो कांग्रेस के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा नही होता। उन्होंने कहा कि हरदा अपने कृत्य को बड़ी खूबसूरती से छिपाने और दूसरों पर दोष मढ़ने में माहिर हैं, लेकिन जनता से बचना आसान नही है।
चौहान ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के माल्टे ही नही, बल्कि सभी फल रसीले हैं। माल्टा पार्टी में वह स्वाद विहीन हो गए, क्योकि उनका भाव राजनैतिक था। पार्टी का मकसद फल काश्तकारों के उत्पादों की एमएसपी बढ़ाने की नही, बल्कि राजनैतिक मकसद का आयोजन था। उन्होंने कहा कि किसानों की आर्थिकी के लिए केंद्र नीत मोदी सरकार या राज्य में सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार ने कार्य योजना बनाकर जो धरातलीय क्रियान्वयन किया वह अभुतपूर्व है। महज शब्दों की चासनी में कृषि और बागवानी नही हो रही। संस्कृति को बचाने के लिए राज्य में अभियान भी चल रहे हैं, जिसका तुष्टिकरण की खातिर कांग्रेस विरोध कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह पूर्व सीएम ही बता सकते हैं कि क्या उन्होंने अपने दल में विष पुरुषों की पहचान कर ली है या उन्हे माफ कर दिया है? उन्होंने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक मंच पर कार्यकर्ताओ को आगाह किया था कि पार्टी में जो विष पुरुष हैं ,उन्हे अधिक महत्व न दिया जाए। क्या हरदा उसी विष को झोली में लेने के लिए सेवा कर रहे हैं।
चौहान ने कहा कि यह सब उस अपमान से ध्यान भटकाने के लिए हो रहा है और सिख समुदाय सहित प्रदेश की जनता इसे बेहतर जानती है। उन्होंने कहा कि इससे अब पार्टी मे प्रतियोगिता भी शुरू हो गयी है और सबका मकसद राजनैतिक है।





