उत्तराखण्डदेहरादून
फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर के दो दिवसीय कन्वेंशन 2026 का शुभारंभ : चेयरपर्सन डॉ. गीता खन्ना ने कहा – महिला उद्यमिता राज्य एवं देश के आर्थिक विकास की रीढ़

द पावर टू एंपावर थीम के साथ फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन ( फिक्की फ्लो) उत्तराखंड चैप्टर के दो दिवसीय कन्वेंशन 2026 का आगाज, कैबिनेट मंत्री जोशी व उनियाल ने की शिरकत
देहरादून।फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन ( फिक्की फ्लो) उत्तराखंड चैप्टर ने दो दिवसीय फिक्की फ्लो कन्वेंशन 2026 का शुभारंभ 7 जनवरी को देहरादून में किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन के लिए एक प्रेरणादायी वीडियो संदेश प्रेषित किया, जिसमें महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर बल दिया गया।
दो दिवसीय इस सम्मेलन की थीम द पावर टू एंपावर निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास, सरकारी सहभागिता तथा सतत आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।
सम्मेलन के प्रथम दिवस बुधवार की शुरुआत एक भव्य उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण, स्टार्ट-अप संस्कृति तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपने वक्तव्य में कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं ने सदैव समाज एवं विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को राज्य के समग्र विकास की आधारशिला बताते हुए फिक्की फ्लो जैसे मंचों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर की चेयरपर्सन डॉ. गीता खन्ना ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में महिला उद्यमिता को राज्य एवं देश के आर्थिक विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि “थीम द पावर टू एंपावर” केवल एक थीम नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर, सक्षम एवं नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में एक सशक्त आंदोलन है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं उद्यमिता से जुड़ती हैं, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और राष्ट्र को भी सशक्त बनाती हैं।इसके बाद सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें डिजिटल साक्षरता,
सरकारी साझेदारी , फ्रॉम सॉइल टू शेल्फ आदि विषयों पर पैनल चर्चा की गई।
फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर द्वारा आयोजित यह सम्मेलन महिलाओं को ज्ञान, नेटवर्किंग एवं नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है। सम्मेलन के आगामी सत्रों में महिला नेतृत्व, नवाचार एवं आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुरेख डंगवाल, मधु भट्ट एवं कुसुम कंडवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने महिलाओं को एक विशिष्ट पहचान दिलाने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को और अधिक सशक्त करने पर बल दिया।
देहरादून।फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन ( फिक्की फ्लो) उत्तराखंड चैप्टर ने दो दिवसीय फिक्की फ्लो कन्वेंशन 2026 का शुभारंभ 7 जनवरी को देहरादून में किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मेलन के लिए एक प्रेरणादायी वीडियो संदेश प्रेषित किया, जिसमें महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता एवं विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर बल दिया गया।
दो दिवसीय इस सम्मेलन की थीम द पावर टू एंपावर निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को डिजिटल सशक्तिकरण, उद्यमिता विकास, सरकारी सहभागिता तथा सतत आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।
सम्मेलन के प्रथम दिवस बुधवार की शुरुआत एक भव्य उद्घाटन सत्र से हुई, जिसमें
कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस अवसर पर उन्होंने महिला सशक्तिकरण, स्टार्ट-अप संस्कृति तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
इसी क्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अपने वक्तव्य में कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं ने सदैव समाज एवं विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को राज्य के समग्र विकास की आधारशिला बताते हुए फिक्की फ्लो जैसे मंचों की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर की चेयरपर्सन डॉ. गीता खन्ना ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में महिला उद्यमिता को राज्य एवं देश के आर्थिक विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि “थीम द पावर टू एंपावर” केवल एक थीम नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर, सक्षम एवं नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में एक सशक्त आंदोलन है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं उद्यमिता से जुड़ती हैं, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और राष्ट्र को भी सशक्त बनाती हैं।इसके बाद सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें डिजिटल साक्षरता,
सरकारी साझेदारी , फ्रॉम सॉइल टू शेल्फ आदि विषयों पर पैनल चर्चा की गई।
फिक्की फ्लो उत्तराखंड चैप्टर द्वारा आयोजित यह सम्मेलन महिलाओं को ज्ञान, नेटवर्किंग एवं नए अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हो रहा है। सम्मेलन के आगामी सत्रों में महिला नेतृत्व, नवाचार एवं आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. सुरेख डंगवाल, मधु भट्ट एवं कुसुम कंडवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व उपस्थित रहे। सभी वक्ताओं ने महिलाओं को एक विशिष्ट पहचान दिलाने तथा विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को और अधिक सशक्त करने पर बल दिया।





