उत्तराखण्डदिल्लीदेहरादूनपर्यटनराष्ट्रीय
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा – उत्तराखण्ड वर्षभर बनेगा देश का प्रमुख टूरिज्म सेंटर ,‘हर मौसम, हर पर्यटक’ के लिए प्रदेश

ऐतिहासिक पहल: दिल्ली के बाद अब देशभर में होगा एकीकृत राष्ट्रीय पर्यटन प्रचार अभियान
देहरादून/नई दिल्ली। देश में पहली बार उत्तराखण्ड राज्य ने अपने पर्यटन सामर्थ्य को संगठित, समन्वित एवं बहु-नगरात्मक अभियान के रूप में प्रस्तुत करते हुए अखिल भारतीय एकीकृत पर्यटन प्रचार अभियान की ऐतिहासिक शुरुआत की है।
यह बात उत्तराखण्ड के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित एक स्थानीय होटल में उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित अखिल भारतीय ‘द ललित’ एकीकृत पर्यटन प्रचार कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में कही।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पर्यटन व्यापार और यात्रा उद्योग को उत्तराखण्ड के साहसिक पर्यटन, शीतकालीन पर्यटन, आरोग्य पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन तथा अनुभवात्मक पर्यटन से सशक्त रूप से जोड़ना है।
महाराज ने कहा कि यह व्यापक अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी संकल्प तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों एवं मार्गदर्शन में प्रारम्भ किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड को वर्षभर 365 दिनों तक पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
पर्यटन मंत्री ने राज्य की दूरगामी पर्यटन नीति, उभरती संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड की सशक्त पहचान स्थापित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य को भविष्य के विवाह पर्यटन स्थल, आध्यात्मिक विशाल परिपथ तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की ठोस कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह एकीकृत प्रचार श्रृंखला राज्य में पर्यटन निवेश, उद्योग सहभागिता और पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में देश के अनेक प्रमुख नगरों में इसी प्रकार की सहभागिता आधारित गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।कार्यक्रम में पर्यटन सचिव धीराज सिंह गबर्याल, अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रुहेला, गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा, कुमाऊँ मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर, पद्मश्री अजीत बजाज, तरुण थियो, करण, अभिषेक अहलूवालिया आदि उपस्थित रहे।
कहा – शीतकालीन पर्यटन का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा उत्तराखण्ड
सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता उत्तराखण्ड को शीतकालीन पर्यटन का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है, जहां पर्यटक हिम क्रीड़ा, हिम पगडंडी भ्रमण और शीतकालीन उत्सवों का आनंद ले सकें। उन्होंने बताया कि जोशीमठ, औली और पांडुकेश्वर जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को शीतकालीन चारधाम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को वर्षभर दर्शन और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हो सके। इसके साथ ही धारचूला से नेलांग घाटी तक हिम तेंदुए के दर्शन, तथा नीति घाटी में अति-दौड़ प्रतियोगिता जैसे विशिष्ट आयोजनों के माध्यम से उत्तराखण्ड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई जा रही है।
‘हर मौसम, हर पर्यटक’ के लिए उत्तराखण्ड : महाराज
पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सहयोगी—यात्रा संचालक, होटल व्यवसायी और साहसिक गतिविधि विशेषज्ञों के साथ मिलकर नए पर्यटन उत्पाद, नए भ्रमण पैकेज और नई संभावनाएं विकसित की जा रही हैं। हमारा संकल्प उत्तराखण्ड को ‘हर मौसम, हर पर्यटक’ के लिए भारत का अग्रणी पर्यटन राज्य बनाना है।
देहरादून/नई दिल्ली। देश में पहली बार उत्तराखण्ड राज्य ने अपने पर्यटन सामर्थ्य को संगठित, समन्वित एवं बहु-नगरात्मक अभियान के रूप में प्रस्तुत करते हुए अखिल भारतीय एकीकृत पर्यटन प्रचार अभियान की ऐतिहासिक शुरुआत की है।
यह बात उत्तराखण्ड के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को नई दिल्ली स्थित एक स्थानीय होटल में उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित अखिल भारतीय ‘द ललित’ एकीकृत पर्यटन प्रचार कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में कही।
उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पर्यटन व्यापार और यात्रा उद्योग को उत्तराखण्ड के साहसिक पर्यटन, शीतकालीन पर्यटन, आरोग्य पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक पर्यटन तथा अनुभवात्मक पर्यटन से सशक्त रूप से जोड़ना है।
महाराज ने कहा कि यह व्यापक अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी संकल्प तथा उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट दिशा-निर्देशों एवं मार्गदर्शन में प्रारम्भ किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तराखण्ड को वर्षभर 365 दिनों तक पर्यटकों के लिए आकर्षक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।
पर्यटन मंत्री ने राज्य की दूरगामी पर्यटन नीति, उभरती संभावनाओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखण्ड की सशक्त पहचान स्थापित करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य को भविष्य के विवाह पर्यटन स्थल, आध्यात्मिक विशाल परिपथ तथा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की ठोस कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह एकीकृत प्रचार श्रृंखला राज्य में पर्यटन निवेश, उद्योग सहभागिता और पर्यटकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में देश के अनेक प्रमुख नगरों में इसी प्रकार की सहभागिता आधारित गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।कार्यक्रम में पर्यटन सचिव धीराज सिंह गबर्याल, अपर सचिव पर्यटन अभिषेक रुहेला, गढ़वाल मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विशाल मिश्रा, कुमाऊँ मंडल विकास निगम के प्रबंध निदेशक विनीत तोमर, पद्मश्री अजीत बजाज, तरुण थियो, करण, अभिषेक अहलूवालिया आदि उपस्थित रहे।
कहा – शीतकालीन पर्यटन का राष्ट्रीय केंद्र बनेगा उत्तराखण्ड
सतपाल महाराज ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता उत्तराखण्ड को शीतकालीन पर्यटन का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है, जहां पर्यटक हिम क्रीड़ा, हिम पगडंडी भ्रमण और शीतकालीन उत्सवों का आनंद ले सकें। उन्होंने बताया कि जोशीमठ, औली और पांडुकेश्वर जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को शीतकालीन चारधाम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को वर्षभर दर्शन और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त हो सके। इसके साथ ही धारचूला से नेलांग घाटी तक हिम तेंदुए के दर्शन, तथा नीति घाटी में अति-दौड़ प्रतियोगिता जैसे विशिष्ट आयोजनों के माध्यम से उत्तराखण्ड को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई जा रही है।
‘हर मौसम, हर पर्यटक’ के लिए उत्तराखण्ड : महाराज
पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सहयोगी—यात्रा संचालक, होटल व्यवसायी और साहसिक गतिविधि विशेषज्ञों के साथ मिलकर नए पर्यटन उत्पाद, नए भ्रमण पैकेज और नई संभावनाएं विकसित की जा रही हैं। हमारा संकल्प उत्तराखण्ड को ‘हर मौसम, हर पर्यटक’ के लिए भारत का अग्रणी पर्यटन राज्य बनाना है।
कार्यक्रम में 250 से अधिक पर्यटन उद्योग हितधारकों ने की सहभागिता : धीराज गबर्याल
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गबर्याल ने कहा कि उत्तराखण्ड पर्यटन प्रचार कार्यक्रम में उत्तराखण्ड तथा दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 250 से अधिक पर्यटन उद्योग हितधारकों ने सहभागिता की। दिल्ली-एनसीआर के यात्रा संचालकों, पर्यटन अभिकरणों, होटल समूहों और साहसिक संस्थानों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और उत्तराखण्ड को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अगली बड़ी सफलता कथा के रूप में देखने की आशा व्यक्त की।





