विधानसभा का बजट सत्र – सदन में उठा घरेलू गैस किल्लत का मुद्दा , स्पीकर ऋतु खडूड़ी ने सरकार और प्रशासन को दिए जमाखोरी व ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश

विपक्ष ने नियम 58 के तहत विषय पर की चर्चा
गैरसैंण । उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में गैस सिलेंडर की किल्लत और कालाबाजारी का मुद्दा उठा। विपक्ष ने नियम 58 के तहत इस विषय पर चर्चा की मांग की। जिसे विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने स्वीकार किया। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खडूड़ी ने सरकार और प्रशासन को जमाखोरी व ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं सदन में प्रश्नकाल के दौरान विधायकों ने हंगामा भी दिया। जिसके बाद स्पीकर ने सत्र कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया।
सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष की ओर से कहा गया कि प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति को लेकर चिंता की स्थिति बन रही है। कई स्थानों पर जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही हैं- नेता प्रतिपक्ष ने कहा सरकार का दावा है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई में कोई कमी नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में गैस की भारी किल्लत की आशंका है।
उन्होंने कहा प्रदेश में लगभग 29 लाऽ घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। केवल देहरादून में ही करीब 70 गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं, इसके बावजूद पहाड़ी क्षेत्रें में गैस सिलेंडर की स्थिति मैदानों से भी ज्यादा ऽराब बताई जा रही है। उनका कहना था कि कई जगह उपभोक्ताओं को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है। चर्चा के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु ऽंडूड़ी ने भी इस मामले पर सख्त रुऽ अपनाया- उन्होंने पीठ से निर्देश देते हुए कहा कि गैस एक अत्यंत आवश्यक वस्तु है, इसलिए सरकार और प्रशासन को इसकी जमाखोरी, डायवर्जन और ब्लैक मार्केटिंग के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा आम जनता को आवश्यक वस्तुओं की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है- इसलिए इस विषय पर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने रखा सरकार का पक्ष
बजट सत्र के चौथे दिन सदन में गैस सिलेंडर की किल्लत पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सदन में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के बीच वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां सामने आ रही हैं, लेकिन राज्य सरकार इस बात को लेकर गंभीर है कि प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर की कोई किल्लत न हो। उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडरों की ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं। वे समय समय पर स्थिति की समीक्षा करें और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
भूकंप चेतावनी को 500 स्थानों पर लगेंगे सेंसरः सुबोध
राज्य में भूकंप चेतावनी प्रणाली के लिए 500 स्थानों पर सेंसर लगाए जाएंगे। पहले चरण में सरकार ने 115 करोड़ की लागत से 169 स्थानों पर सेंसर स्थापित कर चुकी है। गुरुवार को सदन में काजी निजामुद्दीन के अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, भूकंप की दृष्टि से उत्तराखंड संवेदनशील है। भूकंप की चेतावनी के लिए 500 स्थानों पर सेंसर लगाए जाएंगे। मैंपिंग कराने के बाद 169 स्थानों पर सेंसर लगाए गए हैं, इसमें 128 वर्तमान में संचालित हैं। नेपाल व हिमाचल से सटी सीमाओं के अलावा भूकंप की दृष्टि से थ्रस्ट क्षेत्रें में सेंसर स्थापित किए जा रहे हैं। इससे भूकंप आने की चेतावनी मिलने से समय पर बचाव किया जा सकेगा।





