उत्तरकाशीउत्तराखण्ड
उत्तरकाशी – केदारताल में लापता आठ ट्रेकर्स की तलाश जारी, मौसम बिगड़ने से हवाई रेस्क्यू रोका,दो बार हवाई रेकी में नहीं मिला कोई सुराग

चार हजार मीटर की ऊंचाई पर भारी हिमपात और एवलांच के बीच फंसा था ट्रेकिंग दल,
कल एसडीआरएफ और निम की संयुक्त टीमें फिर शुरू करेंगी ग्राउंड सर्च
उत्तरकाशी । गंगोत्री हिमालय क्षेत्र के प्रसिद्ध केदारताल ट्रेक पर भारी हिमपात और एवलांच के चलते फंसे आठ ट्रेकर्स की तलाश के लिए रविवार को भी रेस्क्यू अभियान जारी रहा। युकाडा के हेलीकॉप्टर से दो बार हवाई रेकी की गई, लेकिन लापता ट्रेकर्स और उनका कोई सामान नजर नहीं आया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण रविवार को हवाई रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। अब सोमवार सुबह एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के चार सदस्यों को हेलीकॉप्टर से घटनास्थल के आसपास उतारकर दोबारा जमीनी तलाशी अभियान शुरू करने की तैयारी है।
आपदा प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर की शाम 6:39 बजे सोल सीकर ट्रैकिंग एजेंसी के संचालक ने प्रशासन को पत्र भेजकर घटना की जानकारी दी थी। बताया गया कि गंगोत्री से केदारताल ट्रेकिंग के लिए एक दल रवाना हुआ था। वापसी के दौरान करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर भारी हिमपात और एवलांच की चपेट में आने से दल के आठ सदस्य फंस गए। इसके बाद से ही लापता सदस्यों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
दो बार हवाई रेकी, नहीं मिला कोई सुराग
रविवार एक नवंबर को युकाडा के हेलीकॉप्टर से लापता ट्रेकर्स की संभावित लोकेशन पर हवाई रेकी की गई। हेलीकॉप्टर ने दो बार संबंधित क्षेत्र का जायजा लिया, लेकिन न तो कोई ट्रेकर दिखाई दिया और न ही उनका कोई सामान नजर आया। रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए हेलीकॉप्टर सहस्रधारा हेलीपैड से एसडीआरएफ के दो सदस्यों को लेकर हर्षिल पहुंचा। इसके बाद हर्षिल से उपलब्ध सुरक्षित ट्रेकर्स में से एक सदस्य को साथ लेकर सर्च अभियान शुरू किया गया।
हर्षिल में टीमें तैनात, निम के पांच सदस्य रवाना
रेस्क्यू अभियान के लिए हर्षिल हेलीपैड पर गंगोत्री नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर, पुलिस, सेना, मेडिकल और राजस्व विभाग की टीमें तैनात हैं। इसके अतिरिक्त निम के पांच सदस्यों को भी हर्षिल के लिए रवाना किया गया है, ताकि मौसम अनुकूल होने पर खोज एवं बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
सोमवार को फिर शुरू होगी ग्राउंड सर्च
उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण रविवार को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। आपदा प्रबंधन की कार्ययोजना के अनुसार, सोमवार सुबह हेलीकॉप्टर से एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय एमआरटी और निम के चार सदस्यों को संबंधित क्षेत्र में उतारा जाएगा। इसके बाद दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में जमीनी स्तर पर लापता ट्रेकर्स की तलाश दोबारा शुरू की जाएगी।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आपातकालीन परिचालन केंद्र में मौजूद रहकर पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आठ ट्रेकर्स की तलाश प्रशासन और बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सोमवार को मौसम अनुकूल रहने पर सर्च अभियान में तेजी आने की उम्मीद है।
कल एसडीआरएफ और निम की संयुक्त टीमें फिर शुरू करेंगी ग्राउंड सर्च
उत्तरकाशी । गंगोत्री हिमालय क्षेत्र के प्रसिद्ध केदारताल ट्रेक पर भारी हिमपात और एवलांच के चलते फंसे आठ ट्रेकर्स की तलाश के लिए रविवार को भी रेस्क्यू अभियान जारी रहा। युकाडा के हेलीकॉप्टर से दो बार हवाई रेकी की गई, लेकिन लापता ट्रेकर्स और उनका कोई सामान नजर नहीं आया। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण रविवार को हवाई रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। अब सोमवार सुबह एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के चार सदस्यों को हेलीकॉप्टर से घटनास्थल के आसपास उतारकर दोबारा जमीनी तलाशी अभियान शुरू करने की तैयारी है।
आपदा प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर की शाम 6:39 बजे सोल सीकर ट्रैकिंग एजेंसी के संचालक ने प्रशासन को पत्र भेजकर घटना की जानकारी दी थी। बताया गया कि गंगोत्री से केदारताल ट्रेकिंग के लिए एक दल रवाना हुआ था। वापसी के दौरान करीब चार हजार मीटर की ऊंचाई पर भारी हिमपात और एवलांच की चपेट में आने से दल के आठ सदस्य फंस गए। इसके बाद से ही लापता सदस्यों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
दो बार हवाई रेकी, नहीं मिला कोई सुराग
रविवार एक नवंबर को युकाडा के हेलीकॉप्टर से लापता ट्रेकर्स की संभावित लोकेशन पर हवाई रेकी की गई। हेलीकॉप्टर ने दो बार संबंधित क्षेत्र का जायजा लिया, लेकिन न तो कोई ट्रेकर दिखाई दिया और न ही उनका कोई सामान नजर आया। रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए हेलीकॉप्टर सहस्रधारा हेलीपैड से एसडीआरएफ के दो सदस्यों को लेकर हर्षिल पहुंचा। इसके बाद हर्षिल से उपलब्ध सुरक्षित ट्रेकर्स में से एक सदस्य को साथ लेकर सर्च अभियान शुरू किया गया।
हर्षिल में टीमें तैनात, निम के पांच सदस्य रवाना
रेस्क्यू अभियान के लिए हर्षिल हेलीपैड पर गंगोत्री नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर, पुलिस, सेना, मेडिकल और राजस्व विभाग की टीमें तैनात हैं। इसके अतिरिक्त निम के पांच सदस्यों को भी हर्षिल के लिए रवाना किया गया है, ताकि मौसम अनुकूल होने पर खोज एवं बचाव अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
सोमवार को फिर शुरू होगी ग्राउंड सर्च
उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खराब होने के कारण रविवार को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू अभियान रोकना पड़ा। आपदा प्रबंधन की कार्ययोजना के अनुसार, सोमवार सुबह हेलीकॉप्टर से एसडीआरएफ की पांच सदस्यीय एमआरटी और निम के चार सदस्यों को संबंधित क्षेत्र में उतारा जाएगा। इसके बाद दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में जमीनी स्तर पर लापता ट्रेकर्स की तलाश दोबारा शुरू की जाएगी।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आपातकालीन परिचालन केंद्र में मौजूद रहकर पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच आठ ट्रेकर्स की तलाश प्रशासन और बचाव दलों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। सोमवार को मौसम अनुकूल रहने पर सर्च अभियान में तेजी आने की उम्मीद है।




