Big News – उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने रद्द की स्नातक स्तरीय परीक्षा, आयोग की जांच रिपोर्ट के बाद सरकार का बड़ा फैसला, तीन माह में दोबारा होगा एग्जाम

यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में जस्टिस ध्यानी आयोग ने सीएम धामी को सौंपी जांच रिपोर्ट
देहरादून।उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया गया है। तीन महीने के भीतर दोबारा परीक्षा कराई जाएगी। जांच के लिए गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंपी। आयोग ने 21 सितंबर को प्रदेश में स्नातक स्तरीय परीक्षा कराई थी, जिसमें करीब एक लाख पांच हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे।यूकेएसएसएससी ने भर्ती परीक्षा को निरस्त करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। आयोग की ओर से कहा गया कि अन्य परीक्षाओं पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा। जांच के लिए गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग की रिपोर्ट सौंपने के बाद शनिवार को प्रदेश सरकार की ओर से परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।इस परीक्षा में पेपर लीक के प्रकरण को लेकर छात्रों ने आंदोलन किया था। दूसरी तरफ इस मामले की जांच कर रहे जस्टिस ध्यानी आयोग ने अपनी रिपोर्ट शनिवार को मुख्यमंत्री को सौंप दी है।
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 21 सितंबर 2025 को आयोजित प्रतियोगी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एकल सदस्यीय जांच आयोग ने शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) यू.सी. ध्यानी ने की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आयोग ने अल्प समय में अधिक से अधिक जनसुनवाई कर अभ्यर्थियों एवं संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रिपोर्ट का परीक्षण कर अभ्यर्थियों के हित में निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि प्रकरण की सीबीआई जांच की संस्तुति की जा चुकी है, जिससे मामले की पूरी निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार परीक्षाओं की शुचिता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाये रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी भर्ती परीक्षा में अनियमितता की कोई संभावना न रहे और अभ्यर्थियों तथा उनके अभिभावकों का विश्वास राज्य की परीक्षा प्रणाली पर बना रहे।





