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किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले को लेकर कांग्रेस ने किया पुलिस मुख्यालय का किया घेराव, झड़प के बाद दिया धरना, डीजीपी को सौंपा ज्ञापन

कांग्रेस ने ऊधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के तत्काल निलंबन व सीबीआई जांच की उठाई मांग
देहरादून। उत्तराखंड के जनपद ऊधमसिंहनगर के काशीपुर क्षेत्र में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस मुख्यालय का घेराव किया और मामले की सीबीआई जांच तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के तत्काल निलंबन की मांग की।
शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैकड़ों कांग्रेसजन प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय से जुलूस के रूप में पुलिस मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की व हल्की झड़प भी हुई। बाद में कांग्रेस नेता पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए, जिससे कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 10 जनवरी को ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने पुलिस प्रताड़ना और भू-माफियाओं को संरक्षण दिए जाने से आहत होकर आत्महत्या की। पूर्व में मृतक द्वारा दी गई तहरीर पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उसे परेशान किया, जिससे वह यह कठोर कदम उठाने को मजबूर हुआ।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यह मामला केवल एक किसान की आत्महत्या नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की भूमिका का उल्लेख किया है, इसके बावजूद अब तक उन्हें पद से नहीं हटाया गया। वहीं, जिस अधिकारी पर आरोप हैं, उसी के स्तर से एसआईटी गठित किया जाना जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
काफी देर के धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने कहा कि ऊधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। किसान आत्महत्या मामले में सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो। पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाए।
प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक तिलकराज बेहड़, आदेश चौहान, ममता राकेश, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, रवि बहादुर, विरेन्द्र जाति, जिला पंचायतयत अध्यक्ष सुखसविन्दर कौर, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, राजीव महर्षि, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, गोदावरी थापली, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह लाडी, पूर्व सैनिक अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी व अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल आदि मौजूद रहे।
शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सैकड़ों कांग्रेसजन प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय से जुलूस के रूप में पुलिस मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की व हल्की झड़प भी हुई। बाद में कांग्रेस नेता पुलिस मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए, जिससे कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि 10 जनवरी को ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह ने पुलिस प्रताड़ना और भू-माफियाओं को संरक्षण दिए जाने से आहत होकर आत्महत्या की। पूर्व में मृतक द्वारा दी गई तहरीर पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने उसे परेशान किया, जिससे वह यह कठोर कदम उठाने को मजबूर हुआ।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यह मामला केवल एक किसान की आत्महत्या नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की विफलता का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक ने अपने मृत्यु पूर्व बयान में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की भूमिका का उल्लेख किया है, इसके बावजूद अब तक उन्हें पद से नहीं हटाया गया। वहीं, जिस अधिकारी पर आरोप हैं, उसी के स्तर से एसआईटी गठित किया जाना जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
काफी देर के धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने कहा कि ऊधमसिंहनगर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। किसान आत्महत्या मामले में सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो। पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई से कराई जाए।
प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, विधायक तिलकराज बेहड़, आदेश चौहान, ममता राकेश, उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापडी, रवि बहादुर, विरेन्द्र जाति, जिला पंचायतयत अध्यक्ष सुखसविन्दर कौर, पूर्व मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, हीरा सिंह बिष्ट, पूर्व विधायक राजकुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येन्द्र शर्मा, राजीव महर्षि, महामंत्री राजेन्द्र भंडारी, राजेन्द्र शाह, गोदावरी थापली, महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला, किसान कांग्रेस अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह लाडी, पूर्व सैनिक अध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी व अनुसूचित जाति अध्यक्ष मदन लाल आदि मौजूद रहे।





