उत्तराखण्डदेहरादूनस्वास्थ्य
एक्शन में स्वास्थ्य मंत्री – दून मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के आरोप में दो छात्र निष्कासित, एंटी रैगिंग कमेटी कर रही मामले की जांच

स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत ने दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या को दिए जांच के आदेश,
कहा, शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ उठाए जाएंगे कड़े कदम
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के आरोप में दो छात्र निष्कासित किए गए हैं। फिलहाल एंटी रैगिंग कमेटी मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट आने तक वे हॉस्टल से निष्कासित रहेंगे। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर छात्रों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन की ओर से आदेश जारी किया गया है। दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में हाल ही में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। इस पर अब एंटी रैगिंग कमेटी ने कार्रवाई की है।
एमबीबीएस छात्र रैगिंग प्रकरण दुर्भाग्यपूर्ण : डॉ. रावत
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुए रैगिंग प्रकरण पर विभाग की और से सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।
प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डॉ रावत ने कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों एवं आरोपों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ करने को कहा, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जा सके जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी छात्रों को डिबार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। डॉ रावत ने रैगिंग जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने को कहा।
दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशों के अनुरूप मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही सौंप दी जाएगी।
कहा, शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के खिलाफ उठाए जाएंगे कड़े कदम
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के आरोप में दो छात्र निष्कासित किए गए हैं। फिलहाल एंटी रैगिंग कमेटी मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट आने तक वे हॉस्टल से निष्कासित रहेंगे। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर छात्रों के खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन की ओर से आदेश जारी किया गया है। दून मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में हाल ही में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। इस पर अब एंटी रैगिंग कमेटी ने कार्रवाई की है।
एमबीबीएस छात्र रैगिंग प्रकरण दुर्भाग्यपूर्ण : डॉ. रावत
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्र के साथ हुए रैगिंग प्रकरण पर विभाग की और से सख्त कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। इस संबंध में कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि भविष्य में छात्रों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो।
प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दून मेडिकल कॉलेज में घटित रैगिंग की घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने घटना की जानकारी मिलते ही कॉलेज प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। डॉ रावत ने कॉलेज की प्राचार्या को प्रकरण से जुड़े सभी तथ्यों, परिस्थितियों एवं आरोपों की गहनता से जांच करने के निर्देश दिये। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर अन्य छात्रों एवं संबंधित व्यक्तियों से भी पूछताछ करने को कहा, ताकि सही तथ्य सामने आ सकें और दोषियों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई की जा सके जो भविष्य के लिए नजीर बने। उन्होंने जांच रिपोर्ट आने तक आरोपी छात्रों को डिबार करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। डॉ रावत ने रैगिंग जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों में रैगिंग की घटनाएं संस्थागत अनुशासन एवं व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रशासन को रैगिंग की रोकथाम के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप सभी आवश्यक एवं प्रभावी कदम उठाने को कहा।
दून मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विभागीय मंत्री के निर्देशों के अनुरूप मामले की जांच की जा रही है। कॉलेज में गठित एंटी-रैगिंग कमेटी ने जांच प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। पीड़ित छात्र की शिकायत के आधार पर आरोपी छात्रों के बयान भी दर्ज कर लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट शीघ्र ही सौंप दी जाएगी।





