देहराखास में अवैध निर्माण पर एमडीडीए का शिकंजा, बिना मानचित्र बने भवन पर सीलिंग की कार्रवाई

वेद सिटी गली नंम्बर-1 में निर्माणाधीन भवन किया सील, बिना अनुमति निर्माण पर प्राधिकरण का सख्त रुख
देहरादून।मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए देहराखास क्षेत्र में एक निर्माणाधीन भवन को सील कर दिया। यह कार्रवाई प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे सतत निरीक्षण अभियान के तहत की गई, जिसमें बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य को नियमों का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।
प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार देहराखास स्थित वेद सिटी गली नंम्बर-1 में दिनेश्वर पंडित एवं सूरज द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य किया जा रहा था। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और निर्माण को अवैध पाए जाने पर भवन को सील कर दिया। अधिकारियों ने साफ किया कि नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संयुक्त सचिव प्रत्युष कुमार के निर्देश पर टीम ने की कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई संयुक्त सचिव प्रत्युष कुमार के निर्देशों के अनुपालन में की गई। मौके पर सहायक अभियंता निशांत कुकरेती और सुपरवाइजर की मौजूदगी में निर्माण कार्य को रुकवाकर भवन को सील किया गया। टीम ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त अभियान जारी रहेगा।
शहर के सुनियोजित विकास पर खतरा- तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर के सुनियोजित विकास और नागरिकों की सुरक्षा के लिए निर्माण कार्यों का नियमानुसार होना बेहद आवश्यक है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इससे भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और जहां भी अनियमितता मिल रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान रहेगा जारी, जनता से सहयोग की अपील- एमएस बर्निया
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। देहराखास क्षेत्र में बिना अनुमति के निर्माण कार्य पाए जाने पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि सभी सहायक अभियंताओं और क्षेत्रीय टीमों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि अवैध निर्माण पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।





