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बड़ी उपलब्धि- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों उत्तराखंड से तीन हस्तियों राधा भट्ट, ह्यूग गैंटज़र व कोलीन गैंटज़र को मिला प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान

समाज सेवा, साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से किया गया सम्मानित,
कोलीन गैंटज़र को मरणोपरांत दिया गया यह सामान
नई दिल्ली / देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को सिविल इन्वेस्टिचर समारोह के दौरान उत्तराखंड से राधा भट्ट, ह्यूग गैंटज़र और (मरणोपरांत) कोलीन गैंटज़र को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। राधा भट्ट को समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान मिला, जबकि गैंटज़र दंपत्ति को साहित्य एवं शिक्षा – यात्रा वृत्तांत व पत्रकारिता के क्षेत्र में संयुक्त रूप से उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है। उत्तराखंड के इन तीन महान व्यक्तित्वों राधा भट्ट, ह्यूग गैंटज़र और (मरणोपरांत) कोलीन गैंटज़र को पद्मश्री सम्मान देश के लिए उनके अमूल्य योगदान की पहचान है। समाज सेवा से लेकर साहित्य और पत्रकारिता तक इनकी सेवाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी।
कौन हैं राधा भट्ट
पद्मश्री सम्मानित सुश्री राधा भट्ट एक प्रसिद्ध समाजसेवी हैं। उनका जन्म 16 अक्टूबर 1933 को उत्तराखंड के एक दूरस्थ गाँव में हुआ था। किशोरावस्था की तत्कालीन सामाजिक एवं पारिवारिक विषम परिस्थितियों में ही उन्होंने समाज सेवा का रास्ता चुना और महिलाओं व लड़कियों की शिक्षा और आत्मविश्वास के विकास को अपना उद्देश्य बनाया। इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने 12वीं कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ दी और मात्र 16 वर्ष की उम्र में लक्ष्मी आश्रम, कौसानी में सरला बेन के साथ समाज सेवा का कार्य आरंभ किया। 1961-63 के दौरान पिथौरागढ़ जिले के बांगड़ गांव में गांधीवादी सिद्धांतों पर आधारित सामाजिक सेवा का प्रयोग किया। लड़कियों के लिए “एक घंटे का विद्यालय” और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गतिविधियां शुरू कीं। ‘नदी बचाओ आंदोलन’ उन्होंने 2008 में शुरू किया। उन्हें 1991 में जमनालाल बजाज पुरस्कार, इंदिरा प्रियदर्शिनी पर्यावरण पुरस्कार, स्वामी राम मानवतावादी पुरस्कार 2024 समेत कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
ह्यूग गैंटज़र व कोलीन गैंटज़र का जीवन परिचय
पद्मश्री से सम्मानित ह्यूग गैंटज़र एक प्रसिद्ध यात्रा लेखक और भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर हैं। उन्होंने 1953 में नौसेना में अधिकारी के रूप में प्रवेश किया और 1973 में दक्षिणी नौसेना कमांड के पहले न्याय अधिवक्ता के रूप में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने अपनी पत्नी कोलीन गैंटज़र के साथ भारत की विविधता को खोजने और लोगों तक पहुँचाने का कार्य किया। उन्होंने यात्रा लेखन की एक नई शैली की शुरुआत की। उन्होंने 3 हजार से अधिक लेख, कॉलम और फीचर लिखे और 30 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित कीं। उन्होंने दूरदर्शन के लिए भारत के पहले यात्रा वृत्तचित्र बनाए । उनके लेखन का प्रमुख उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता को उजागर करना था, जो पाठकों को प्रेरित करता रहा। उन्हें और उनकी पत्नी को कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले, जिनमें डी.सी. मेहता पुरस्कार, 2012 का राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार, पैसिफिक एरिया ट्रैवल एसोसिएशन का गोल्ड अवार्ड, बेस्ट ट्रैवल राइटर अवार्ड, और भारत सरकार का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल हैं। उनकी जिज्ञासा, साहस और सहानुभूति ने कोलीन और ह्यूग गैंटज़र को एक प्रभावशाली यात्रा लेखक जोड़ी बना दिया।
सीएम पुष्कर धामी ने बताया उत्तराखण्ड का सम्मान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रपति के हाथों नागरिक अलंकरण समारोह में उत्तराखंड की राधा भट्ट को सामाजिक कार्य, ह्यूग गैंट्ज़र और कोलीन गैंट्ज़र (मरणोपरांत) को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये इसे राज्य का भी सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सुदूर इलाके में जन्मी पद्मश्री से सम्मानित होने वाली राधा भट्ट का पर्यावरण एवं समाज सेवा के साथ महिला शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान रहा है।
कोलीन गैंटज़र को मरणोपरांत दिया गया यह सामान
नई दिल्ली / देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को सिविल इन्वेस्टिचर समारोह के दौरान उत्तराखंड से राधा भट्ट, ह्यूग गैंटज़र और (मरणोपरांत) कोलीन गैंटज़र को देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। राधा भट्ट को समाज सेवा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह सम्मान मिला, जबकि गैंटज़र दंपत्ति को साहित्य एवं शिक्षा – यात्रा वृत्तांत व पत्रकारिता के क्षेत्र में संयुक्त रूप से उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है। उत्तराखंड के इन तीन महान व्यक्तित्वों राधा भट्ट, ह्यूग गैंटज़र और (मरणोपरांत) कोलीन गैंटज़र को पद्मश्री सम्मान देश के लिए उनके अमूल्य योगदान की पहचान है। समाज सेवा से लेकर साहित्य और पत्रकारिता तक इनकी सेवाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी।
कौन हैं राधा भट्ट
पद्मश्री सम्मानित सुश्री राधा भट्ट एक प्रसिद्ध समाजसेवी हैं। उनका जन्म 16 अक्टूबर 1933 को उत्तराखंड के एक दूरस्थ गाँव में हुआ था। किशोरावस्था की तत्कालीन सामाजिक एवं पारिवारिक विषम परिस्थितियों में ही उन्होंने समाज सेवा का रास्ता चुना और महिलाओं व लड़कियों की शिक्षा और आत्मविश्वास के विकास को अपना उद्देश्य बनाया। इसी लक्ष्य के साथ उन्होंने 12वीं कक्षा में ही पढ़ाई छोड़ दी और मात्र 16 वर्ष की उम्र में लक्ष्मी आश्रम, कौसानी में सरला बेन के साथ समाज सेवा का कार्य आरंभ किया। 1961-63 के दौरान पिथौरागढ़ जिले के बांगड़ गांव में गांधीवादी सिद्धांतों पर आधारित सामाजिक सेवा का प्रयोग किया। लड़कियों के लिए “एक घंटे का विद्यालय” और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए गतिविधियां शुरू कीं। ‘नदी बचाओ आंदोलन’ उन्होंने 2008 में शुरू किया। उन्हें 1991 में जमनालाल बजाज पुरस्कार, इंदिरा प्रियदर्शिनी पर्यावरण पुरस्कार, स्वामी राम मानवतावादी पुरस्कार 2024 समेत कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
ह्यूग गैंटज़र व कोलीन गैंटज़र का जीवन परिचय
पद्मश्री से सम्मानित ह्यूग गैंटज़र एक प्रसिद्ध यात्रा लेखक और भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर हैं। उन्होंने 1953 में नौसेना में अधिकारी के रूप में प्रवेश किया और 1973 में दक्षिणी नौसेना कमांड के पहले न्याय अधिवक्ता के रूप में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने अपनी पत्नी कोलीन गैंटज़र के साथ भारत की विविधता को खोजने और लोगों तक पहुँचाने का कार्य किया। उन्होंने यात्रा लेखन की एक नई शैली की शुरुआत की। उन्होंने 3 हजार से अधिक लेख, कॉलम और फीचर लिखे और 30 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित कीं। उन्होंने दूरदर्शन के लिए भारत के पहले यात्रा वृत्तचित्र बनाए । उनके लेखन का प्रमुख उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता को उजागर करना था, जो पाठकों को प्रेरित करता रहा। उन्हें और उनकी पत्नी को कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले, जिनमें डी.सी. मेहता पुरस्कार, 2012 का राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार, पैसिफिक एरिया ट्रैवल एसोसिएशन का गोल्ड अवार्ड, बेस्ट ट्रैवल राइटर अवार्ड, और भारत सरकार का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार शामिल हैं। उनकी जिज्ञासा, साहस और सहानुभूति ने कोलीन और ह्यूग गैंटज़र को एक प्रभावशाली यात्रा लेखक जोड़ी बना दिया।
सीएम पुष्कर धामी ने बताया उत्तराखण्ड का सम्मान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रपति के हाथों नागरिक अलंकरण समारोह में उत्तराखंड की राधा भट्ट को सामाजिक कार्य, ह्यूग गैंट्ज़र और कोलीन गैंट्ज़र (मरणोपरांत) को साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में पद्मश्री से सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये इसे राज्य का भी सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के सुदूर इलाके में जन्मी पद्मश्री से सम्मानित होने वाली राधा भट्ट का पर्यावरण एवं समाज सेवा के साथ महिला शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा योगदान रहा है।





