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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट बोले- ईवीएम के बाद राहुल गांधी, अब चुनावी प्रक्रिया पर ही फैला रहे झूठ

राहुल गांधी का बयान, लगातार चुनावी हार की खीज व संविधान की झूठी दुहाई देने वालों का अलोकतांत्रिक चेहरा
देहरादून । भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद  महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष  व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मैच फिक्सिंग वाले आरोप को उनकी लगातार चुनावी हार की खीज बताया है। यही वजह है कि वे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला कर रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया पर झूठ फैला रहे हैं।
उन्होंने राहुल गांधी के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि, लाख प्रयासों और षडयंत्रों के बाद भी कांग्रेस जनता का समर्थन हासिल करने में बार बार विफल हो रही है। यही वजह है कि नाच न आने पर आंगन टेड़ा बताने की नीति पर अमल करते हुए वे दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मैच फिक्सिंग बता रहे हैं। ऐसे में जब वह कहते हैं कि ऐसी फिक्सिंग बिहार में भी होने वाली है, स्पष्ट करता है कि वहां भी एनडीए जीतने जा रही है। राहुल गांधी जानते हैं कि उन्हें बिहार में हार मिलने वाली है, इसलिए उन्होंने पहले से ही चुनावों की प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लोकतंत्र विरोधी बताते हुए, उनके आरोपों को कांग्रेस के झूठ और प्रचार का हिस्सा बताया। क्योंकि जिस महाराष्ट्र चुनाव में फर्जीवाड़े की बात वे करते हैं उसको लेकर राहुल  गांधी लगातार गलतबयानी करते पाए गए हैं। क्योंकि जनवरी में उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव में एक करोड़ फर्जी वोटर होने की बात कही, फिर फरवरी में 70 लाख कहा और बाद में उनका यह दावा 39 लाख तक नीचे आ गया। दरअसल कांग्रेस पहले ईवीएम को लेकर झूठ फैलाती रही और जनता ने भरोसा नहीं किया, लिहाजा अब फर्जी मतदाता का नया फर्जी शिगूफा लेकर आई है।

उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका मकसद चुनावी प्रक्रिया पर झूठ बोलकर अराजकता फैलाना है। वे जानबूझकर लोगों के मन में लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर संदेह पैदा कर रहे हैं। सच तो यह है कि जब कांग्रेस कर्नाटक या तेलंगाना में चुनाव जीतती है तो तब यही चुनावी व्यवस्था न्यायपूर्ण लगती है। लेकिन जब वे हरियाणा या महाराष्ट्र में हारते हैं, तो उन्हें यह सब मैच फिक्सिंग लगता है।
उन्होंने तंज किया कि संविधान की किताब जेब में रखने वालों का लोकतांत्रिक प्रक्रिया विरोधी चेहरा एक बार फिर सबके सामने आ गया है।

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