उत्तराखण्डदेहरादून

धामी कैबिनेट  में चार प्रस्तावों पर लगी मुहर, सहकारिता विभाग में उप निबंधक ऑडिट के निसंवर्गीय पद को मंजूरी,  , बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान के तहत सौंदर्यीकरण कार्यों को भी हरी झंडी

डेयरी विकास की गंगा गाय योजना के विलय को स्वीकृति,
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने दी कैबिनेट के फैसलों की जानकारी
देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक  में कुल चार प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट में सहकारिता, पशुपालन ,डेयरी और पर्यटन से जुड़े  कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।सहकारिता विभाग में उप निबंधक ऑडिट के एक निसंवर्गीय पद को कैबिनेट ने  मंजूरी दी है।
सहकारिता विभाग में उप निबंधक ऑडिट लेवल 11 के पद को 5 साल के लिए सृजन किया गया है। जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी है। यह एक निसंवर्गीय पद है।
सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने ब्रीफिंग कर कैबिनेट के प्रस्तावों की जानकारी दी।
कैबिनेट बैठक के दौरान प्रदेश के तमाम मंदिरों में बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या पर भी चर्चा की गयी। सरकार की कोशिश है कि चारधाम समेत प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों के साथ ही राज्य में मौजूद अन्य पौराणिक मंदिरों में भी श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचें।
कैबिनेट बैठक के दौरान पर्यटन विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि कार्तिक स्वामी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले साल की तुलना में इस साल 4 गुना इजाफा हुआ है।
इसके अलावा जागेश्वर में पिछले साल करीब 4 लाख श्रद्धालु आए थे, जबकि, इस साल अभी तक 6 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आ चुके हैं। इसी तरह उत्तरकाशी जिले के साल्ड गांव में स्थित जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है।
कैबिनेट में लिए गए अहम फैसले
1 – सहकारिता विभाग में उप निबंधक ऑडिट के एक निसंवर्गीय पद को कैबिनेट ने  मंजूरी दी है।
सहकारिता विभाग में उप निबंधक ऑडिट लेवल 11 के पद को 5 साल के लिए सृजन किया गया है। जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दी है। यह एक निसंवर्गीय पद है।
2 – बद्रीनाथ धाम में  स्थित आईएसबीटी वॉल्स पर  मास्टर प्लान के अंतर्गत में म्यूरल आर्ट वार्क किया जाएगा, जिसे कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की है।
3 – पशुपालन विभाग की योजना जिसमें अनुसूचित जाति/जनजाति के लाभार्थियों को पशुपालन के लिए 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है और डेयरी विकास की गंगा गाय योजना के विलय को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है।  अब इस योजना का लाभ सामान्य वर्ग के लोगों को भी दिया जाएगा।
4-पशुपालन विभाग के अंतर्गत पशुधन प्रसार अधिकारियों के चयन के बाद इन्हें 2 साल तक का प्रशिक्षण दिया जाता है। इस प्रशिक्षण की अवधि को 2 साल से घटाकर 1 वर्ष किए जाने के निर्णय को कैबिनेट ने  अपनी मंजूरी दी है।

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