उत्तराखंड में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने को एनएफडीसी-यूएफडीसी की कार्यशाला आयोजित -क्षेत्रीय सिनेमा को आगे बढ़ाने को सब्सिडी 25 लाख से बढ़ाकर की 2 करोड़: तिवारी

फिल्म नीति, सब्सिडी, क्षेत्रीय सिनेमा और डिजिटल पोर्टल पर रहा फोकस,
‘उत्तराखंड में फिल्मिंग इकोसिस्टम का विकास’ रखा गया था कार्यशाला का विषय
देहरादून। उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का हब बनाने के उद्देश्य से बुधवार को सहस्त्रधारा रोड स्थित एक होटल में नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएफडीसी) और उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद (यूएफडीसी) की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
इस कार्यशाला का विषय ‘उत्तराखंड में फिल्मिंग इकोसिस्टम का विकास’ रखा गया, जिसमें फिल्म नीति, सब्सिडी, डिजिटल पोर्टल, अवसंरचना और क्षेत्रीय सिनेमा पर विशेष चर्चा हुई।
यूएफडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड की नई फिल्म नीति में क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी रूपये 25 लाख से बढ़ाकर रूपये 2 करोड़ कर दी गई है। कम चर्चित स्थलों पर शूटिंग और स्थानीय कलाकारों को प्राथमिकता देने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल रहा है। साथ ही, एकल स्क्रीन थिएटर खोलने पर रूपये 25 लाख की सहायता दी जा रही है।
एनएफडीसी के महाप्रबंधक अजय धोके और भारत सरकार की फिल्म निदेशक शिल्पा राव ने राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘इंडियन सिने हब’ की जानकारी दी, जो एकीकृत पोर्टल के रूप में फिल्म निर्माताओं को सुविधा देगा। उन्होंने मोबाइल पर बढ़ते कंटेंट उपभोग के बीच सामुदायिक फिल्म प्रदर्शन की संस्कृति को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
यूएफडीसी के डॉ. नितिन उपाध्याय ने बताया कि उत्तराखंड में प्रतिभा, प्रशिक्षण और तकनीक को प्राथमिकता दी जा रही है। राज्य में सिंगल विंडो क्लीयरेंस, संसाधन निर्देशिका और डिजिटल पोर्टल की सुविधा विकसित की जा रही है।
कार्यशाला में फिल्म उद्योग से जुड़े निर्माता, नीति विशेषज्ञ, और सरकारी अधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों के सवालों का समाधान एनएफडीसी और यूएफडीसी अधिकारियों ने किया।
इस मौके पर फिल्म्स निदेशक, सूचना मंत्रालय शिल्पा राव, उपाध्यक्ष, इंडियन सिने हब श्रुति राजकुमार, महाप्रबंधक एनएफडीसी अजय धोके अपर निदेशक सूचना आशीष त्रिपाठी, मयूर पटेल, नचिकेत शिरोलकर व अभय कुमार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।





