सीएम पुष्कर धामी के साथ बेहतर समन्वय ने महेंद्र भट्ट की दोबारा होने वाली ताजपोशी को बनाया आसान

वर्ष 1991 में हुई महेंद्र भट्ट के राजनीतिक सफर की शुरुआत, ABVP में रहे,
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व भी संभाला,
भाजपा के दिग्गज नेता ने 1991 से लेकर अब तक कई बड़े पदों पर काम किया, 2002 में पहली बार बने विधायक
देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट का दोबारा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के रास्ते को उनकी चुनावी सफलताओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ बेहतर समन्वय सबसे बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। इसके चलते भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दोबारा से महेंद्र भट्ट की ताजपोशी आसान बनी है।
संगठन में हर स्तर पर मजबूत पकड़ और पार्टी के हर स्तर के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के बीच उनकी साफ और शानदार छवि ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण रहा कि सोमवार को संपन्न हुई प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया में किसी और ने अपना नॉमिनेशन फाइल नहीं किया। मुख्यमंत्री धामी के साथ पार्टी के सभी दिग्गज नेता इस दौरान उनके साथ खड़े नजर आए।
महेंद्र भट्ट ने 30 जुलाई 2022 को उत्तराखंड के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का पदभार संभाला था। उनको मदन कौशिक के स्थान पर पार्टी प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था।महेंद्र भट्ट 2002 से 2007 तक नंदप्रयाग विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक रहे। इसके बाद 2007 में उन्हें हार
मिली थी। 2017 में उन्होंने बदरीनाथ विधानसभा सीट से जीत हासिल की थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें फिर हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद भाजपा ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया था।
2 अप्रैल 2024 को भाजपा ने महेंद्र भट्ट ने उत्तराखंड राज्यसभा सांसद बनाया। महेंद्र भट्ट उत्तराखंड भाजपा के कद्दावर और मुखर नेताओं में एक हैं। वो अपने बेलास बयानों के लिए जाने जाते हैं। महेंद्र भट्ट का जन्म 1971 में सीमांत जिले चमोली के ब्राह्मण थाला में हुआ। भट्ट ने अपना राजनीतिक करियर 1991 में शुरू किया था। 1991 से 1996 तक महेंद्र भट्ट अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सहसचिव रहे। 1994 से 1998 तक वो एबीवीपी में टिहरी विभाग के विभाग संगठन मंत्री के पद पर रहे।इस दौरान किए गए उनके कार्यों को देखते हुए पार्टी ने 1998 में भट्ट को भाजपा युवा मोर्चा का सचिव बनाया।
2000-2002 तक वो भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश महासचिव रहे।इसके बाद उन्हें 2002-04 तक भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष रहने का अवसर मिला। भट्ट की सियासी पारी ने तब बड़ी छलांग मारी, जब पार्टी ने राज्य के पहले विधानसभा चुनाव में भट्ट को विधायक का टिकट दिया। भट्ट 2002 में नंदप्रयाग से भाजपा विधायक चुने गए। इस बीच कुछ असफलताओं के बीच 2017 में उन्होंने बदरीनाथ विधानसभा सीट से जीत हासिल की।





