उत्तराखण्डउधम सिंह नगर

सचिव  शैलेश बगौली ने ऊधमसिंह नगर में लिया पेयजल योजनाओं का जायजा,  लीकेज की शिकायत पर मांगी रिपोर्ट 

अमृत-1 में समयबद्ध कार्य योजना और जागरूकता बढ़ाने पर जोर,योजनाओं की गुणवत्ता, क्रियाशील नल कनेक्शनों ( एचएफटीसी ) की स्थिति और पेयजल आपूर्ति की प्रभावशीलता का किया गहन आकलन

देहरादून।सचिव पेयजल शैलेश बगौली ने उधमसिंह नगर जिले के भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत विकास खंड रुद्रपुर और गदरपुर की विभिन्न पेयजल योजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने योजनाओं की गुणवत्ता, क्रियाशील नल कनेक्शनों ( एचएफटीसी ) की स्थिति और पेयजल आपूर्ति की प्रभावशीलता का गहन आकलन किया। इस अवसर पर अभियंता बिशन कुमार, तरुण शर्मा, सुशील बिष्ट, ललित पांडे, चेतन चौहान, अजय श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
दानपुर एकल ग्राम पेयजल योजना
सचिव बगौली ने दानपुर एकल ग्राम पेयजल योजना में 300 एमएम व्यास, 210 मीटर गहराई, 500 एलपीएम क्षमता के नलकूप तथा 100 केएल, 17 मीटर स्टेजिंग वाले ऊर्ध्व जलाशय के कार्यों की गुणवत्ता परखी, जो उत्तम पाई गई। योजना के अंतर्गत 314 परिवारों को एफएचटीसी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। मौके पर 5 घरों का चयन कर जल आपूर्ति समय, दबाव और पानी की गुणवत्ता की जानकारी ली गई, जो संतोषजनक रही।
रायपुर एकल ग्राम पेयजल योजना में मिली लीकेज की शिकायत 
रायपुर एकल ग्राम पेयजल योजना में 300 एमएम व्यास, 200 मीटर गहराई, 700 एलपीएम क्षमता के नलकूप और 150 केएल, 20 मीटर स्टेजिंग वाले ऊर्ध्व जलाशय की गुणवत्ता का निरीक्षण किया गया। इस योजना के तहत 532 परिवारों को एफएचटीसी कनेक्शन दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान रायपुर गांव के कुछ ग्रामवासियों ने पाइपलाइन लीकेज की शिकायत की। इस पर अधिशासी अभियंता को तत्काल निरीक्षण कर लीकेज रोकने और एक सप्ताह में अनुपालन आख्या मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए गए।
सरोवर नगर बहुल ग्राम पेयजल योजना
सरोवर नगर बहुल ग्राम पेयजल योजना में 300 एमएम व्यास, 193 मीटर गहराई, 500 एलपीएम क्षमता के नलकूप और 100 केएल, 17 मीटर स्टेजिंग वाले ऊर्ध्व जलाशय की गुणवत्ता भी उच्च स्तर की पाई गई। योजना के तहत 521 परिवारों को एफएचटीसी कनेक्शन दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सरोवर नगर गांव के 25 परिवारों ने नल कनेक्शन लेने से इंकार कर दिया था।
अमृत-1 योजना को लेकर दिए निर्देश
सचिव बगौली ने अमृत-1 योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि दो जोनों में अनेक उपभोक्ताओं द्वारा अभी तक जल कनेक्शन नहीं लिए गए हैं। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि नगर आयुक्त के साथ समन्वय कर एक विशेष जन जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग पाइप्ड वाटर सप्लाई के लाभों के प्रति जागरूक होकर कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित हों।
एफएसटीपी का किया निरीक्षण
सचिव बगौली ने रुद्रपुर शहर में निर्मित 25 केएलडी क्षमता वाले फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का भी निरीक्षण किया। यहां प्रतिदिन 10–12 स्लज टैंकरों का प्रभावी उपचार किया जा रहा है, जिसकी गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। उन्होंने निर्देशित किया कि शहर की जनसंख्या और सेप्टिक टैंकों की औसत खाली करने की आवृत्ति के आधार पर प्रतिदिन अनुमानित फीकल स्लज की गणना की जाए और इसकी तुलना एफएसटीपी पर पहुंच रही वास्तविक मात्रा से की जाए। यदि दोनों में अंतर पाया जाए, तो उसे दूर करने के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना बनाई जाए।

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