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पीड़ित अभिभावकों की शिकायत पर उत्तराखण्ड बाल अधिकार सरंक्षण आयोग ने किया स्कूल का इंस्पेक्शन, अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना निरीक्षण में मिली कई खामियां

जीआरडी स्कूल केहरी गांव प्रेमनगर देहरादून पहुंची आयोग की टीम
देहरादून।उत्तराखण्ड बाल अधिकार सरंक्षण आयोग में पीड़ित अभिभावकों की ओर से जीआरडी स्कूल केहरी गांव प्रेमनगर देहरादून के विरूद्ध शिकायती पत्र भेजने के बाद मंगलवार को आयोग की अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना की अध्यक्षता में आयोग के सचिव डा शिव कुमार बरनवाल, अनुसचिव डा सतीश कुमार सिंह ने स्कूल का औचक निरीक्षण किया। आयोग अध्यक्ष के निरीक्षण के दौरान सामने आया कि विद्यालय एक बहुत बड़े कैम्पस में थोड़ी सी कक्षाओं के साथ संचालित है, जहां कुछ बच्चे बैठे हुए मिले। विद्यालय में एक 4 वर्ष का बालक शब्दावली लिखता हुआ मिला, जिससे प्रतीत होता है कि विद्यालय  नई शिक्षा नीति का अनुसरण नहीं कर रहा है। प्ले ग्रुप में जो शिक्षक मौजूद थे, उनके  शैक्षिक प्रमाण उपलब्ध नहीं मिले। प्रधानाचार्य का कक्ष सामान्य कक्षों की भांति दिखा, जिसमें मात्र 6 रजिस्टरों के अलावा ओपन यूनिर्वसिटी के कागज रखे हुए थे। विद्यालय संचालन से सम्बन्धित किसी भी प्रकार के दस्तावेज विद्यालय द्वारा प्रस्तुत नहीं किये गये। विद्यालय मान्यता के सम्बन्ध में एक दस्तावेज प्रस्तुत किया गया, जिसमें विद्यालय को कक्षा- 6 तक विद्यालय संचालन की अनुमति प्राप्त है, लेकिन विद्यालय कक्षा – 7 तक संचालित किया जा रहा है। विद्यालय प्रबन्धन ने बताया  कि विद्यालय कक्षा- 8 तक मान्यता प्राप्त है, जबकि इसके कोई दस्तावेज निरीक्षण टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं किये गये।
डॉ गीता खन्ना ने कहा कि
विद्यालय कैम्पस में बिना किसी विभाजन व दीवार के एक डिग्री काॅलेज का संचालन किया जा रहा है, जिसका आयोग के क्षेत्राधिकार से बाहर होेने कारण निरीक्षण नहीं किया गया
लेकिन यह एक सोचनीय विषय है कि एक डिग्री काॅलेज कैम्पस के भीतर विद्यालय किस प्रकार व किसकी अनुमति से संचालित किया जा रहा है। बाल आयोग अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना ने कहा कि
किसी भी संस्था को विद्यालय संचालन की अनुमति सिर्फ कागजों के आधार पर नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय संचालन के लिए ऐसे मानदण्ड तय किये जाने चाहिये, जिसमें योग्य व्यक्ति का चयन व सत्यापन मानवीय दृष्टिकोण, शैक्षणिक योग्यता, सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर किया जाये। जिससे विद्यालय में पठन पाठन कर रहे विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण के साथ ही आदर्श व चरित्र निर्माण करने की सीख मिल सके।
बाल आयोग ने  विकासनगर ब्लाॅक में की पत्रावलियों पर सुनवाई
देहरादून ।उत्तराखण्ड बाल अधिकार सरंक्षण आयोग ने मंगलवार को विकासनगर ब्लाॅक में पूर्व से प्रचलित पत्रावलियों पर सुनवाई की । संज्ञान में आया कि सैंट मैरी काॅन्वेंट स्कूल के प्रकरण पर आयोग ने पूर्व मे जो विद्यालय को निर्देश दिये  थे, उनका अनुपालन नही किया जा रहा है। इस क्रम में आयोग अध्यक्ष ने खण्ड शिक्षा अधिकारी, विकासनगर को प्रकरणों पर आयोग के दिये गये निर्देशों का अनुपालन कराते हुए त्वरित कार्यवाही किये जाने के लिए निर्देशित किया गया।
वहीं ⁠राजकीय प्राथमिक विद्यालय बुलाकीवाला में पानी की टंकी एंव शौचालय की जांच पर निर्देशित किया गया कि विद्यालय का आंकलन कर मरम्मत सुनिश्चित कराये जाने के लिए निर्देशित किया गया।

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