यूसीसी के अनुरूप मॉडल निकाह नामा बनाएगा उत्तराखंड वक्फ बोर्ड: अध्यक्ष शादाब शम्स बोले – उलेमा से परामर्श लेकर आगे बढ़ेगा बोर्ड

कहा – नसे स्टाफ की होगी भर्ती, कैंप लगा कर उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराई जाएगी जायदादें
देहरादून। उत्तराखंड वक़्फ़ बोर्ड ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रावधानों के अनुरूप एक मॉडल निकाह नामा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। बोर्ड अध्यक्ष शादाब शम्स ने स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर बोर्ड उलेमा-ए-किराम से परामर्श लेकर ऐसा निकाह नामा तैयार करेगा, जो शरीअत की मूल भावना और कानून दोनों के अनुरूप हो। शम्स ने कहा कि प्रदेश में यूसीसी लागू हो चुका है, अब विवाह के बाद पंजीकरण कराना भी अनिवार्य है, निकाह नामें में इसका भी उल्लेख किया जाएगा, ताके लोगों को आसानी हो।
बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि हाल ही में संपन्न वक़्फ़ बोर्ड की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में ‘उम्मीद पोर्टल’ से जुड़ी तकनीकी समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पोर्टल के सुचारु रूप से कार्य न करने के कारण वक़्फ़ जायदादों के अपलोड में आ रही दिक्कतों को देखते हुए, अपलोड की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। वर्तमान में उत्तराखंड में वक़्फ़ संपत्तियों के विवरण अपलोड करने की अंतिम तिथि 6 फरवरी 2026 निर्धारित है, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण कार्य बाधित हो रहा है।
इस समस्या के व्यावहारिक समाधान के लिए बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि राज्य के चार जनपदों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां बोर्ड स्वयं वक़्फ़ जायदादों का विवरण ‘उम्मीद पोर्टल’ पर अपलोड कराएगा, ताकि किसी भी वक़्फ़ संपत्ति का रिकॉर्ड अधूरा न रहे।
बैठक में बोर्ड की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आउटसोर्स के माध्यम से नया स्टाफ रखने का निर्णय भी लिया गया। इसके साथ ही, जिन वक़्फ़ कमेटियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका था, उनके संबंध में भी आवश्यक निर्णय लिए गए, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न रहे।





