बनबसा में बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, कहा – राज्य की दिशा तय करता है बजट , नागरिकों की सहभागिता से ही प्रभावी बनता है प्रभावी, सुझावों का परीक्षण कर किया जाएगा शामिल

कहा – प्रत्येक वर्ग की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ले रही फैसले ,
जनभागीदारी, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और संतुलित विकास पर हुआ व्यापक मंथन
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में एनएचपीसी बनबसा सभागार में आयोजित बजट-पूर्व संवाद कार्यक्रम में राज्य के समग्र विकास, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था तथा जनभागीदारी को केंद्र में रखते हुए व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक गाँव में पिंक टॉयलेट जैसी सुविधाओं की दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने वर्ष 2047 तक उत्तराखण्ड को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि छोटा राज्य होने के बावजूद उत्तराखण्ड ने वित्तीय प्रबंधन में देशभर में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है, जो गर्व का विषय है।
उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों का गंभीरता से परीक्षण कर उन्हें आगामी बजट में यथासंभव शामिल किया जाएगा, ताकि राज्य का संतुलित, समावेशी और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट राज्य की दिशा तय करता है और यह नागरिकों की सहभागिता से ही प्रभावी बनता है। प्रत्येक वर्ग की अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार निर्णय ले रही है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि जिनके सुझाव अभी प्राप्त नहीं हुए हैं, वे भी अपने विचार प्रेषित करें, ताकि सभी की आवश्यकताओं पर ध्यान दिया जा सके।
उन्होंने कहा रजत जयंती वर्ष में राज्य ने अनेक उपलब्धियाँ हासिल की हैं और अब नए संकल्प के साथ विकसित उत्तराखण्ड की दिशा में आगे बढ़ना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि सभी लोग अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे तो राज्य प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा और प्रत्येक निर्णय जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप आगे बढ़ता रहेगा।
इस अवसर पर सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने राज्य की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि पिछले पाँच वर्षों में उत्तराखण्ड के कैपिटल आउटले में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और यह राशि 7,534 करोड़ से बढ़कर 14,765 करोड़ तक पहुँच गई है। इसी अवधि में राज्य की जीडीपी वर्ष 2021-22 के 2,54,000 करोड़ से बढ़कर वर्तमान में 4,29,000 करोड़ हो गई है,
जो लगभग 60 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाती है। इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
संवाद कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, विशेषज्ञों तथा हितधारकों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन अपर सचिव मुख्यमंत्री मनमोहन मैनाली ने किया । कार्यक्रम के दौरान आरके सुधांशु प्रमुख सचिव वन, दिलीप जावलकर, सचिव वित्त, धीराज गर्ब्याल, सचिव पर्यटन, नरेन्द्र सिंह भण्डारी, अपर सचिव नियोजन, मनुज गोयल, अपर सचिव तकनीकि शिक्षा, विनोद गोस्वामी, निदेशक शहरी विकास, मनमोहन मैनाली, अपर सचिव मुख्यमंत्री, दीपक रावत, आयुक्त, कुमाऊँ मण्डल, मनीष कुमार, जिलाधिकारी चम्पावत, कृष्ण नाथ गोस्वामी, अपर जिलाधिकारी चम्पावत, डॉ जीएस खाती, मुख्य विकास अधिकारी चम्पावत, सौरभ गहरवार, महानिदेशक/आयुक्त, उद्योग,
मनबर सिंह राणा, संयुक्त निदेशक, पचायती राज विभाग, पूनम चंद, अपर निदेशक पर्यटन, संदीप भट्ट, उप मुख्य परियोजना अधिकारी, उरेडा, पी०के० सिंह, संयुक्त निदेशक, कृषि कुमायूँ हल्द्वानी, अशोक कुमार जोशी, निदेशक, डेयरी विकास, अवीनाश कुमार, सहायक निदेशक, मत्स्य विभाग अल्मोड़ा, महेन्द्र पाल, निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, प्रदीप कुमार पाण्डे, एसीईओ,यूएसआरएलएम, देहरादून,
मेहरबान सिंह बिष्ट, अपर सचिव, ऊर्जा विभाग, संदीप भट्ट, उप मुख्य परियोजना अधिकारी, उरेडा, डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम, सचिव डेयरी, अशोक कुमार जोशी, निदेशक डेयरी, दिनेश कुमार, निदेशक उद्यान, डॉ वीएन खाली, निदेशक उच्च शिक्षा हल्द्वानी, डॉ एमएस मंडरवाल, रजिस्ट्रार, कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल, डॉ अनिल कुमार, एमडी, यूपीसीएल, आनन्द सिंह अधिकारी, अध्यक्ष जिला पंचायत, चम्पावत, हेमा गैड़ा, अध्यक्ष, जिला पंचायत, अल्मोड़ा, अजय वर्मा, महापौर अल्मोड़ा, गजराज सिंह बिष्ट, महापौर, हल्द्वानी, कल्पना देवलाल, महापौर, पिथौरागढ़, सुरेश खेतवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष, बागेश्वर, विकास वर्मा, महापौर, रूद्रपुर सहित विभिन्न विभागों / संगठनों के हितधारक, बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।





