उत्तराखण्डचमोली

उत्तराखंड विधानसभा बजट सत्र- सदन में गरमाया स्मार्ट मीटर का मुद्दा,पुलिस कांस्टेबल ग्रेड पे का प्रकरण भी उठा

नियम 58 में  हुई चर्चा के दौरान विपक्ष ने स्मार्ट मीटर का किया विरोध 
गैरसैंण। भराड़ीसैंण में चल रहे विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में स्मार्ट मीटर का मुद्दा गर्माया। नियम 58 में इस पर हुई चर्चा के दौरान विपक्ष ने स्मार्ट मीटर का विरोध किया। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि इसमें बड़ा घपला है।
बिजली संयोजन काटे जाने के बाद जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। विधायक सुमित “दयेश ने कहा कि, सरकार स्पष्ट करे कि इसे लगाना अनिवार्य है या वैकल्पिक। सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि बड़ी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। सदन की कार्यवाही स्थगित कर इस पर चर्चा की जाए। रवि बहादुर ने कहा, स्मार्ट मीटर को जबरन लोगों पर थोपा जा रहा है। विधायक विक्रम सिंह नेगी ने भी इसे बड़ा घपला बताया। अनुपमा रावत ने कहा, किसानों का जितना बिल नहीं आ रहा उससे अधिक सर्च चार्ज आ रहा है। सरकार किसानों के बिल को माफ करे।
सदन में पुलिस कांस्टेबल ग्रेड पे का प्रकरण भी उठा
सदन में पुलिस ग्रेड पे का प्रकरण भी उठा। उप नेता सदन भुवन कापड़ी ने कहा, पुलिस कांस्टेबल की 10 साल की सेवा पर 2400, 20 साल की सेवा पर 2800 और 30 साल की सेवा पर 4600 ग्रेड पे दिया जाना था। सरकार की ओर से वादा किया गया था कि यूपी की तर्ज पर उत्तराऽंड में पुलिस को ग्रेड पे दिया जाएगा, जो नहीं दिया गया। काजी निजामुद्दीन ने विधानसभा सत्र में डयूटी पर लगे पुलिस जवानों के रहने, खाने और सोने की उचित व्यवस्था न होने का आरोप लगाया। संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, पुलिस कांस्टेबल के लिए 10 साल की सेवा पर 2400, 20 साल की सेवा पर 2800 और 30 साल की सेवा पर 4200 ग्रेड पे का प्रावधान है।
कांग्रेस विधायक ने कहा राशन कार्ड
नहीं बनने से आयुष्मान कार्ड नहीं बन रहे
प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने खाद्य मंत्री रेखा आर्य से पूछा सवाल। बीपीएल  और एपीएल राशन कार्डों पर पूछा सवाल- कांग्रेस विधायक ने कहा कि राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं और इससे आयुष्मान कार्ड भी नहीं बन पा रहा है। मंत्री ने किया स्पष्ट कि राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड में कोई संबंध नहीं है। परिवार बंटवारे के समय आती है समस्या- काजी बोले पूरे प्रदेश की ही ये नीतिगत समस्या है। इसके साथ ही प्रश्नकाल समाप्त हुआ।
बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम मामला,
नेता प्रतिपक्ष ने किये सवाल
नियम 310 के स्थानान्तरित विपक्ष के मुद्दा भूमिधर कानून को नियम 58 में सुना गया- नेता प्रतिपक्ष ने कहा पशुपालक बनकर लोगों ने जंगलों में रहकर अपने क्षेत्र को बसाया है। आज सरकार उनको हटाने का काम कर रही है- 1980 में वन संरक्षक अधिनियम लागू होने के बाद, जिस क्षेत्र में लोग लंबे समय से रह रहे वह आज वन क्षेत्र में आ गई, जिसके कारण लोगों को घर से बेघर होना पड़ रहा है। 1981 में वन संरक्षण अधिनियम लागू हुआ- तब से कई पीढ़ियां जंगलों में रह रही हैं।
2006 में वन अधिकार कानून पारित किया गए- जिसका मूल उद्देश्य था कि और तत्कालीन सरकार की भी मंशा थी कि लंबे समय से रह रहे लोगों को मालिकाना हक मिले- कोई भी व्यक्ति या, कोई भी समुदाय तीन पीडिया, यानी 75 साल वन भूमि में निवास कर रहा है, तो उसको मालिकाना अधिकार मिलना चाहिए- यह 2006 का कानून कहता है- वर्तमान स्थिति 25 अक्टूबर 2023 को तराई के बिंदुऽत्ता क्षेत्र में 200 साल से, और 1932 में यहां के लोगों को वन विभाग ने पशुपालन की अनुमति दी थी, बिंदुऽत्ता आज एक विशाल आबादी वाला क्षेत्र बन चुका है।
रेखा आर्या के विभागों से संबंधित पूछे गए सवाल
गैरसैंण विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में प्रश्नकाल जारी है- आज कैबिनेट मंत्री रेऽा आर्या के विभागों पर पूछे जा रहे हैं सवाल- पहला सवाल पूछा कांग्रेस विधायक लऽपत बुटोला ने- चमोली दशोली में सेमलडाला मैदान पेपलकोटी पर पूछा सवाल- मैदान के विस्तारीकरण के सवाल पर दिया जवाब कि अभी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
दूसरे सवाल में भाजपा विधायक सुरेश गड़िया ने नेशनल गेम्स में मेडल होल्डर िऽलाडि़यों को नौकरी पर पूछा- मातृ वंदना योजना पर डोईवाला विधायक बृजभूषण गैरोला ने पूछा सवाल- लक्ष्य से कम पंजीकरण पर उठाया सवाल- जवाब में रेऽा आर्या में कहा कि राष्ट्रीय हेल्थ सर्वे और उक्त योजना के स्पेसिफिक मानकों के चलते आ रही है व्यावहारिक दिक्कत- महेश जीना ने रेखा आर्या से पूछा एपीएल बीपीएल कार्ड को लेकर सवाल। मानकों को लेकर उठाये सवाल। खेल और युवा कल्याण मंत्री से पूछा गया मिनी स्टेडियम और खेल मैदानों पर सवाल।

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