उत्तराखण्डचमोली

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 2026 – यशपाल आर्य और प्रीतम सिंह  ने प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा उठाया

विपक्ष ने सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेरा, कैग रिपोर्ट का दिया हवाला
गैरसैंण। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में चल रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 के पांचवें दिन शुक्रवार को
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम 310 पर प्रदेश में गैस सिलिंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी का मुद्दा उठाया। विधानसभा अध्यक्ष ने इस सूचना को नियम 58 में भोजनावकाश के बाद सुनने का विनिश्चय दिया। तीन बजे सत्र शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति केंद्र सरकार का विषय है। लिहाजा इस पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान में जिस तरह की परिस्थिति है, उससे केंद्र सरकार ने व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति पर रोक लगाई है। घरेलू एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है।
सत्र शुरू होते ही सदन में विपक्ष ने अवैध खनन का मुद्दा उठाया, लेकिन सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वाक आउट कर दिया।
जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने की चर्चा की मांग
सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने चर्चा की मांग करते हुए विरोध किया। विपक्ष ने कहा पीठ से जब नियम 310 पर विनिश्चय दिया गया तो सरकार चर्चा करने से क्यों भाग रही है। प्रदेशभर में एलपीजी गैस के लिए लाइनें लग रही हंै। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट संचालकों को एलपीजी सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। पक्ष व विपक्ष के बीच बहस होने से सदन की कार्यवाही 45 मिनट के स्थगित हुई। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को एलपीजी की कालाबाजारी पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। नैनीताल जिले में तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई।
उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने सरकार को घेरा, लगाये गंभीर आरोप
नियम 58 में उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने भ्रष्टाचार पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा भुवन चंद्र खंडूड़ी ने सरकारी नौकरी में इंटरव्यू को खत्म कर पारदर्शिता लाएं. यही अब वर्तमान भाजपा सरकार ने होम्योपैथिक डॉक्टर की भर्ती में अपनी सरकार द्वारा बनाए गए नियम को बदलकर भ्रष्टाचार को आमंत्रण देने का खुला उदाहरण दे रही है. दिल्ली में सीबीएसई की किताब 60 रू. में बिकती है और उत्तराखंड में वही किताब ₹100 में बिक रही है।प्रदेश में रोजगार का सौदा भर्ती घोटाले ने साफ कर दिया है। जीरो टॉलरेंस का नारा देने वाली सरकार ही भ्रष्टाचार में लिप्त है।67 हजार से ज्यादा सरकारी बसें बिना फिटनेस के चल रही है। यह आंकड़ा कैग रिपोर्ट का है।
नियम 58 में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चर्चा – नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार की जड़ें लगातार मजबूत होती जा रही हैं।भाजपा की सरकार में भ्रष्टाचार बढ़ा है ।सरकार का जीरो टॉलरेंस का नारा फेल हो चुका है। सरकार के संरक्षण में खुली छूट के चलते भ्रष्टाचार बढ़ रहा है ।भर्ती घोटाला, योजनाओं के क्रियान्वन घोटाले का मामला सहित कई मामले भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं। सुशासन की बात सरकार करती है, लेकिन भ्रष्टाचार के कारण गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं। विकास प्राधिकरण में जब तक रिश्वत ना दी जाए, तब तक नक्शे पास नहीं होते।अवैध खनन हो या खनन के डंपर चालकों से पुलिस हफ्ता लेने का काम करती है। स्मार्ट सिटी के कार्यों में भी बड़ी धांधली है, कैग रिपोर्ट में जिक्र है। देहरादून के परेड ग्राउंड में हुए रीडेवलपमेंट कार्यों में भी बड़ी धांधली का मामला कैग रिपोर्ट में सामने आया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button