कैबिनेट मंत्री खजान दास ने न्यूरो आई क्लिनिक का उद्घाटन – कहा, उत्तराखण्ड के मरीजों को अब जटिल न्यूरोलॉजिकल इलाज के लिए बाहर जाने की कम होगी जरुरत

देहरादून।कैबिनेट मंत्री खजान दास ने शुक्रवार को रेस कोर्स में न्यूरो आई क्लिनिक का उद्घाटन किया ।
इस अवसर पर राजपुर विधानसभा के विधायक व उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि “डॉ. ज्योति गौतम ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और आधुनिक चिकित्सा ज्ञान के माध्यम से उत्तराखंड को न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई है। राज्य के मरीजों को अब जटिल न्यूरोलॉजिकल उपचार के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। उनकी उपलब्धियां प्रदेश के लिए गर्व का विषय हैं।”
उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपस्थिति स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के साथ-साथ आमजन को बेहतर और सुलभ उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
डॉ. ज्योति गौतम आधुनिक वैज्ञानिक पद्धतियों, सटीक जांच और मानवीय दृष्टिकोण के साथ मरीजों को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध हैं।
इस अवसर पर डॉ आरके जैन ,राज्य मंत्री अशोक वर्मा, विधायक प्रतिनिधि गोपालपुरी ,पार्षद आलोक कुमार ,महानगर मीडिया संयोजक अक्षत जैन ,अंबेडकर नगर मंडल महामंत्री अंकुर जैन और अनेक लोग उपस्थित रहे l
न्यूरोलॉजी के विभिन्न विशेष क्षेत्रों में भी उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त हैं डॉ. ज्योति गौतम
देहरादून ।न्यूरोलॉजी के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता, आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और मरीजों के प्रति समर्पित सेवाभाव के लिए प्रसिद्ध डॉ. ज्योति गौतम आज उत्तराखंड में एक विश्वसनीय नाम बन चुके हैं। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित एवं विश्व-प्रसिद्ध संस्थान नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज़, बेंगलुरु से न्यूरोलॉजी (डीएम) में सुपर-स्पेशलाइज़ेशन प्राप्त किया है। जहां देश-विदेश से जटिल न्यूरोलॉजिकल रोगों के उपचार के लिए मरीज पहुंचते हैं।
डॉ. ज्योति गौतम ने न्यूरोलॉजी के विभिन्न विशेष क्षेत्रों में भी उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
इसके साथ ही उनके कई शोध-पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने एम्स , डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, नई दिल्ली एवं पीएमसीएच
पटना जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं देकर महत्वपूर्ण अनुभव अर्जित किया है।
डॉ. ज्योति गौतम की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि उन्होंने उत्तराखंड में पहली बार पार्किंसन रोग से पीड़ित मरीज में Deep Brain Stimulation डिवाइस को सफलतापूर्वक कार्यात्मक बनाकर चिकित्सा क्षेत्र में नया आयाम स्थापित किया। यह उपलब्धि राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है।





