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Big News: चंपावत दुष्कर्म मामले में पुलिस की जांच में साजिश का खुलासा – बदले की भावना में नाबालिग को बहला-फुसलाकर रचा गया खेल, वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच से खुली चौंकाने वाली परतें

महिला/बाल सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस, झूठे आरोपों पर भी होगी कठोर कार्रवाई
देहरादून/चंपावत।उत्तराखंड के चंपावत जिले में सनसनी फैलाने वाले नाबालिग से दुष्कर्म प्रकरण में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह पूरी घटना एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा थी, जिसे बदले की भावना से प्रेरित होकर रचा गया था। वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों ने साजिश की परतों को उधेड़ कर रख दिया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कमल रावत ने अपने निजी स्वार्थ और बदले की पूर्ति के लिए 16 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर इस झूठे घटनाक्रम का मोहरा बनाया। डिजिटल साक्ष्यों और सीडीआर की जांच से पता चला कि घटना वाली रात कमल रावत, पीड़िता और उसकी एक महिला मित्र के बीच असामान्य रूप से बार-बार बातचीत हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने इस पूरे ‘मोडस ऑपेरंडी’ का पर्दाफाश किया।शुरुआती शिकायत में तीन व्यक्तियों—विनोद सिंह रावत, नवीन सिंह रावत और पूरन सिंह रावत पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। हालांकि, 10 सदस्यीय एसआईटी  की जांच में पाया गया कि घटना के समय ये तीनों नामजद व्यक्ति मौके पर मौजूद ही नहीं थे। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से उनकी उपस्थिति अन्य स्थानों पर प्रमाणित हुई है। इसके अलावा, पीड़िता के चिकित्सीय परीक्षण में भी किसी प्रकार के संघर्ष या चोट के निशान नहीं मिले, जिससे जबरदस्ती की बात साबित नहीं हो सकी।
निर्दोष को न्याय और दोषियों पर होगी कार्रवाई : एसपी रेखा यादव 
पुलिस अधीक्षक चंपावत  रेखा यादव ने बताया कि महिला और बाल सुरक्षा के प्रति पुलिस ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां एक ओर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा, वहीं झूठे आरोप लगाकर किसी निर्दोष को प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मामले की गंभीरता को देखते हुए आरएफएसएल उधम सिंह नगर की फील्ड यूनिट ने भी वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। फिलहाल डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण चल रहा है। पुलिस मुख्यालय ने मीडिया और आम जनता से अपील की है कि प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए केवल सत्यापित तथ्यों को ही साझा करें।

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