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बड़ी खबर – वर्षों से लंबित ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में बनी  सहमति , समझौता ज्ञापन के लिए हुए राजी

गृह मंत्री  अमित शाह के नेतृत्व में हुई बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान “किशाऊ बहु-उद्देशीय परियोजना” के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन  के लिए सहमत हुए,
MoU होने के बाद किशाऊ परियोजना को अनुमोदन के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा,
 निर्णय स्वच्छ और निर्मल यमुना की दिशा में एक अहम् पड़ाव सिद्ध होगा, जिससे यमुना में शुद्ध जल का प्रवाह बढ़ेगा
नई दिल्ली/ देहरादून।केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यमुना के पुनर्जीवीकरण के बारे में वर्षों से लंबित ‘किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना’ पर संबंधित राज्यों में सहमति बन गई है। केन्द्रीय गृह मंत्री की पहल पर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान किशाऊ बहु-उद्देशीय परियोजना के क्रियान्वयन के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) के लिए सहमत हो गए हैं। MoU होने के बाद किशाऊ परियोजना को अनुमोदन के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
बैठक में केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री  सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय गृह सचिव, केन्द्रीय जल शक्ति सचिव, विद्युत मंत्रालय के सचिव और हिमाचल एवं उत्तराखंड सरकारों के मुख्य सचिव, एवं गृह मंत्रालय, प्रधान मंत्री कार्यालय और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार राष्ट्र व् जनहित के मुद्दों पर ‘संवाद से समाधान’ को चरितार्थ कर कई वर्षों से लंबित महत्वपूर्ण मसलों पर सहमति बनाने का काम कर रही है।
बैठक में निर्णय किया गया कि किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना के संबंध में जल घटक के कार्य का 90% केन्द्रीय सहायता के रूप में केंद्र सरकार द्वारा और शेष 10% राशि का वित्तीय भार 06 राज्यों द्वारा वहन किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के विद्युत् घटक के हिस्से की लागत को साझा करने के एवज में हिमाचल प्रदेश के लिए आवंटित पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने पर बैठक में सहमति बनी। यह निर्णय स्वच्छ और निर्मल यमुना की दिशा में एक अहम् पड़ाव सिद्ध होगा, जिससे यमुना  में शुद्ध जल का प्रवाह बढ़ेगा।

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