देहरादून महायोजना-2041 पर जनसंवाद जारी, सेक्टर-03 के नागरिकों ने एमडीडीए उपाध्यक्ष तिवारी की मौजूदगी में लोगों ने रखे सुझाव और आपत्तियां

जनसुनवाई शिविर में एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव बर्निया व संयुक्त सचिव गौरव चटवाल रहे मौजूद
देहरादून। महायोजना-2041 को अधिक जनभागीदारी आधारित और व्यवहारिक बनाने के उद्देश्य से मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आयोजित जनसंवाद एवं जनसुनवाई अभियान तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को सेक्टर-03 के लिए दून यूनिवर्सिटी परिसर में जनसुनवाई शिविर आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, भू-स्वामियों, सामाजिक संगठनों और अन्य हितधारकों ने प्रतिभाग किया।
जनसुनवाई शिविर में एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव गौरव चटवाल सहित प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। नागरिकों ने सामूहिक एवं व्यक्तिगत रूप से महायोजना-2041 के विभिन्न प्रावधानों पर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराईं। लोगों ने भू-उपयोग, सड़क नेटवर्क, ट्रैफिक प्रबंधन, हरित क्षेत्र संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं, आवासीय एवं व्यावसायिक गतिविधियों तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने सभी सुझावों और आपत्तियों को गंभीरता से सुना तथा उनका विधिवत अभिलेखीकरण किया। एमडीडीए के अनुसार प्राप्त सभी प्रकरणों का तकनीकी एवं विधिक परीक्षण किया जाएगा, ताकि व्यवहारिक और जनहित से जुड़े सुझावों को महायोजना में समुचित रूप से शामिल किया जा सके।
गुरुवार को सेक्टर-04 में नगर निगम टाउन में होगी जनसुनवाई
देहरादून महायोजना-2041 को लेकर एमडीडीए का जनसुनवाई अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरूवार को सेक्टर-04 के नागरिकों के लिए नगर निगम टाउन हॉल में जनसुनवाई कैंप आयोजित किया जाएगा। स्थानीय नागरिक, भू-स्वामी एवं अन्य हितधारक कैंप में पहुंचकर महायोजना से संबंधित अपनी आपत्तियां और महत्वपूर्ण सुझाव अधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। एमडीडीए ने अधिक से अधिक लोगों से जनसुनवाई में भागीदारी की अपील की है।
जनता की सहभागिता से और मजबूत बनेगी महायोजना : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 को लेकर आयोजित जनसंवाद अभियान का उद्देश्य लोगों को निर्णय प्रक्रिया से जोड़ना है। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की आवश्यकताएं भिन्न हैं और उन्हें समझने का सबसे प्रभावी माध्यम प्रत्यक्ष संवाद है। उन्होंने कहा कि नागरिकों द्वारा दिए जा रहे सुझाव महायोजना को अधिक व्यावहारिक, समावेशी और जनहितकारी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे। हमारा प्रयास है कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के बीच संतुलन स्थापित करते हुए देहरादून के लिए एक दूरदर्शी और टिकाऊ विकास मॉडल तैयार किया जाए।
प्रत्येक सुझाव का गंभीरता से होगा परीक्षण : बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि जनसुनवाई प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और व्यवस्थित तरीके से संचालित की जा रही है। प्राप्त प्रत्येक सुझाव और आपत्ति का रिकॉर्ड तैयार कर विशेषज्ञों के माध्यम से तकनीकी एवं विधिक परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में जनसुनवाई शिविरों में भाग लेने और देहरादून के सुनियोजित विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।





