उत्तराखण्डदेहरादूनराजनीति

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा – वन्दे मातरम गाकर फांसी चढ़ने वाले देश में कांग्रेस का इसके गायन से इंकार शर्मनाक

वंदे मातरम विरोध की कांग्रेसी नीति, 1947 की देश विभाजनकारी सोच से प्रेरित : भाजपा,
वन्दे मातरम विरोध की कांग्रेसी नीति, राष्ट्रविरोधी और संविधान विरोधी 
देहरादून। भाजपा ने राष्ट्रगीत गायन को लेकर कांग्रेस के निर्णय की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए 1947 की देश बंटवारा करने वाली सोच से प्रेरित बताया है। प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, जिस वंदेमातरम को गाते गाते देशवासी फांसी के फंदे पर झूल गए, उसे पूरा नहीं गाने के लिए कांग्रेसी आज फांसी चढ़ने का झूठा दावा कर रहे हैं, जो पूरी तरह देशविरोधी एवं संविधान विरोधी निर्णय है।
उन्होंने हालिया घटनाक्रमों का हवाला देते हुए, स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय एवं गोवा पार्टी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गायन न करने और केवल दो छंद गाने के कांग्रेस कार्यसमिति के निर्णय की कड़ी आलोचना की हैं। उन्होंने इसे राष्ट्रीय गीत और भारत माता का अपमान ठहराते हुए तुष्टिकरण नीति की पराकाष्ठा बताया है। आईना दिखाते हुए कहा, कल तक कांग्रेस, वन्देमातरम के अपमान की जिस घटना को व्यक्तिगत चूक बताते हुए, खड़गे के लिए कुर्सी मंगाने से जोड़ रही थी। अब उसके ठीक उलट, सीधे सीधे अब अपने कार्य समिति के प्रस्ताव के जरिए इसे आधिकारिक पार्टी नीति बना लिया है। एक बार पुनः कांग्रेस की दोगली सोच उजागर हुई है, कल तक वे अपने कार्यक्रम वंदेमातरम का पूर्ण गायन होने का दावा कर रहे थे। लेकिन इन दो दिनों में चारों तरफ वर्ग विशेष वोटों की नाराजगी के डर से हुई कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी ने कांग्रेस को अपने असली देश विरोधी स्वरूप में सामने आने पर मजबूर कर दिया है। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारी कार्यक्रमों का हिस्सा बनने और देश की नीतियों का लाभ लेनें के लिए तो वे वंदेमातरम गाने को तैयार हैं, लेकिन अपने कार्यालयों, घरों, दफ्तरों में इसे पूरा नहीं गायेंगे। देश देख रहा है, राष्ट्रीय स्वाभिमान और आजादी के प्रेरणा गीत के अपमान पर देश की सबसे पुरानी और आजादी दिलाने का दावा करने वाली कांग्रेस पार्टी का रुख।
वहीं तंज कसा कि संविधान की किताब हाथ में रखकर घूमने वाले राहुल गांधी व कांग्रेस अब वंदेमातरम नहीं गाकर, सीधा सीधा कानून का उल्लंघन कर रहे हैं। क्यूंकि संसद द्वारा पारित ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन अधिनियम, 2026’ के तहत राष्ट्रीय गीत के संपूर्ण गायन से बचना और बाधा डालना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है।  जिसे कांग्रेस नकार रही है।
कहा, कांग्रेस बेशक वन्देमातरम नहीं गाने के लिए जान देने का झूठा दावा कर रही हो, लेकिन देशवासी वन्देमातरम गाते हुए राष्ट्रहित में जान देते आए हैं और आगे भी देते रहेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button