उत्तराखण्डदेहरादून

ग्रीन मोबिलिटी पर सरकार का फोकस – इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग में हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड नंबर-1, पांच साल में 221 स्टेशन स्थापित:  प्रदीप बत्रा

ग्रीन मोबिलिटी की राह पर उत्तराखंड, 221 ईवी चार्जिंग स्टेशन से मजबूत हुआ नेटवर्क,
चारधाम और पर्यटन मार्गों पर फास्ट चार्जिंग नेटवर्क मजबूत करने को सरकार प्रतिबद्ध, 
चारधाम से पर्यटन मार्गों तक ईवी चार्जिंग नेटवर्क होगा मजबूत
देहरादून। उत्तराखंड इलेक्ट्रिक वाहन (EV) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हिमालयी राज्यों में अग्रणी बनकर उभरा है। प्रदेश में पिछले पांच वर्षों के दौरान 221 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इनमें 84 फास्ट चार्जर और 137 स्लो चार्जर शामिल हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार की फेम-II योजना के तहत 61 अतिरिक्त चार्जिंग यूनिट भी स्थापित की गई हैं।
परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने बताया कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। उत्तराखंड में पंजीकृत ईवी की संख्या 1.04 लाख तक पहुंच गई है, जिसमें पिछले तीन वर्षों में ही 58 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ती ईवी संख्या के अनुरूप राज्य में चार्जिंग नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है।|
उन्होंने बताया कि ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में उत्तराखंड अन्य हिमालयी राज्यों से काफी आगे है। प्रदेश में 221 चार्जिंग स्टेशन हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर में 180, हिमाचल प्रदेश में 133, मेघालय में 62, मणिपुर में 58, त्रिपुरा में 55, सिक्किम में 12 और लद्दाख में 1 चार्जिंग स्टेशन स्थापित है।
बत्रा ने कहा कि यह उपलब्धि मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार की ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में ईवी के लिए मजबूत, व्यापक और सुविधाजनक चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है। विशेष रूप से उच्च यातायात वाले पर्यटन मार्गों और चारधाम यात्रा मार्गों पर फास्ट चार्जिंग नेटवर्क को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही चार्जिंग स्टेशनों को पर्याप्त विद्युत लोड उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ईवी के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आने वाले वर्षों में बिजली की खपत में भी उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। वर्तमान में ईवी से संबंधित बिजली खपत लगभग 15.7 लाख यूनिट वार्षिक है, जिसके वर्ष 2025-26 में 23.6 लाख यूनिट, 2026-27 में 74.4 लाख यूनिट और 2027-28 में 234.8 लाख यूनिट तक पहुंचने का अनुमान है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार केवल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण को भी प्राथमिकता दे रही है। परिवहन निगम की बसों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक किया जा रहा है। पुरानी बसों को भी इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
बत्रा ने कहा कि ग्रीन मोबिलिटी उत्तराखंड की भविष्य की परिवहन व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करने, ईंधन पर निर्भरता घटाने, पर्यावरण संरक्षण और प्रदेश को स्वच्छ एवं हरित बनाने की दिशा में सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी, राज्य सरकार, ऊर्जा एवं परिवहन विभाग तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई एवं आभार व्यक्त किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button