उत्तराखण्डदेहरादूनराजनीति

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने किया तीखा प्रहार : कहा – भ्रष्टाचार पर आंखें बंद’ करने वाली कांग्रेस, आज ईडी की कार्रवाई पर  उठा रही सवाल

कांग्रेस शासन की भ्रष्टाचार की विरासत पर अब कानून का शिकंजा,
2016 की भर्ती अनियमितताओं पर जांच आगे बढ़ी तो जवाबदेही से क्यों भाग रही कांग्रेस,
धामी सरकार में भर्ती प्रक्रिया से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं
देहरादून। कैबिनेट मंत्री  सुबोध उनियाल ने भर्ती अनियमितताओं और ईडी की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को आज भ्रष्टाचार के खिलाफ बयान देने से पहले अपने शासनकाल की कार्यशैली का जवाब देना चाहिए। उत्तराखंड में भर्ती से जुड़े जिन मामलों की परतें आज खुल रही हैं, उनकी पृष्ठभूमि कांग्रेस शासन के दौरान तैयार हुई थी।
उनियाल ने कहा कि वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत से जुड़े स्टिंग में सामने आए कथित संवाद में उत्तराखंड को “लूट लो, मैं आंख बंद कर लूंगा” जैसी बात ने पूरे प्रदेश में गंभीर राजनीतिक सवाल खड़े किए थे। आज यदि उसी दौर से जुड़े मामलों में जांच आगे बढ़ रही है और ईडी कार्रवाई कर रही है, तो कांग्रेस को इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताने के बजाय उस दौर की अपनी कार्यशैली पर जवाब देना चाहिए। आज की कार्रवाई को 2016 में सामने आई उसी सोच और व्यवस्था के परिणाम के तौर पर देखा जाना चाहिए, जिसमें भ्रष्टाचार पर आंखें बंद करने की बात कही गई थी।
उन्होंने कहा कि सिडकुल, यूबीटीईआर, आयुर्वेद विश्वविद्यालय, दरोगा और पटवारी भर्ती समेत कई मामलों में कांग्रेस शासनकाल के दौरान गंभीर सवाल उठे। इसका सबसे बड़ा नुकसान उत्तराखंड के उन युवाओं को हुआ, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर नौकरी पाने का सपना देखा था। भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है।
उनियाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक के खिलाफ केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि कठोर कार्रवाई को जमीन पर उतारा। वर्ष 2023 में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया और इसके बाद नकल माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक लोगों को जेल भेजा गया। यह भाजपा सरकार की स्पष्ट नीति का प्रमाण है कि प्रदेश के युवाओं की मेहनत और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाकर अपने पुराने शासनकाल की जवाबदेही से नहीं बच सकती। जिस दौर में भ्रष्टाचार पर आंखें बंद करने की मानसिकता के आरोप लगे, उसी दौर की अनियमितताओं पर आज कानून अपना काम कर रहा है। कांग्रेस को राजनीतिक शोर मचाने के बजाय उत्तराखंड के युवाओं और जनता को अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button