मातृशक्ति को सलाम – मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने संवाद कार्यक्रम के दौरान किया ऐलान – सौर सखी’ कहलाएंगी मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से जुड़ी महिलाएं ,सौर प्लांट के रखरखाव के लिए लोगों को दिया जायेगा प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के विकासकर्ताओं से सीएम का संवाद
देहरादून।मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के विकासकर्ताओं के साथ सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को ‘मुख्य सेवक संवाद’ किया। सीएम आवास के मुख्य सेवक सदन में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना से जुड़ी महिलाओं को सौर सखी नाम दिया जायेगा। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और स्वरोजगार से जुड़ी अन्य योजनाओं को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने विकासखण्डों में विशेष शिविरों के आयोजन किये जायेंगे। सौर प्लांट के रखरखाव के लिए प्रत्येक जनपद में लोगों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम, अपर सचिव एवं निदेशक उरेडा रंजना राजगुरु, प्रबंध निदेशक यूजेवीएनएल संदीप सिंघल, प्रबंध निदेशक पिटकुल पी.सी.ध्यानी मौजूद थे।
वर्ष 2027 तक 2500 मेगावाट का लक्ष्यः मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत राज्य में 250 मेगावाट का लक्ष्य पूर्ण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई सौर ऊर्जा नीति भी लागू की है। वर्ष 2027 तक 2500 मेगावाट सोलर क्षमता का लक्ष्य रखा है। राज्य में रूफटॉप सोलर प्लांट्स को बढ़ावा देने के लिए विशेष सब्सिडी प्रदान की जा रही है। पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से भी सोलर पावर प्लांट्स की स्थापना के लिए लाभार्थियों को सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 20 से 200 किलोवाट तक की परियोजनाएं स्थापित करने पर 20 से 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। महिलाओं, अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के साथ -साथ दिव्यांगजनों को 5 प्रतिशत का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जा रहा है।
विकासकर्ताओं ने फायदेमंद बताई योजना
संवाद के दौरान उत्तरकाशी के शैलेंद्र सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना पर्वतीय क्षेत्रों के लिए काफी फायदेमंद हैं, इससे बंजर भूमि का सदुपयोग भी हो रहा है। चमोली के विकास मोहन ने कहा कि इस योजना का विकासखण्ड स्तर तक प्रचार हो, ताकि लोग इसका अधिकतम फायदा उठा सकें। पौड़ी की रूपा रानी ने कहा कि महिला शक्ति को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा क्षेत्र में योजना बनाई जानी चाहिए। चम्पावत के केतन भारद्वाज ने कहा कि सोलर प्लांट के रखरखाव के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए।





