उत्तराखण्डदेहरादूनराष्ट्रीयस्वास्थ्य

स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने हाई लेवल मीटिंग में रखीं हेल्थ सेक्टर में उत्तराखंड की उपलब्धियाँ

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की आयोजित वर्चुअल बैठक में शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ रावत,
सचिव स्वास्थ्य डॉ राजेश भी हुए शामिल,
बैठक में टीबी और खसरा-रूबेला उन्मूलन, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन पर हुई चर्चा

देहरादून ।उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री  जे.पी. नड्डा की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रतिभाग किया। इस बैठक में आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक में टीबी और खसरा-रूबेला उन्मूलन, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन
तथा 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त निधियों के उपयोग की समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान डॉ. रावत ने केंद्रीय मंत्री को राज्य में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत की जा रही गतिविधियों और प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 100 दिवसीय तीव्र टीबी उन्मूलन अभियान को जनभागीदारी के साथ लागू किया गया है, विशेषकर आदिवासी और उच्च-प्रभावित क्षेत्रों में लक्ष्य आधारित कार्यवाही की जा रही है।
डॉ. रावत ने राज्य में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं की प्रगति से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों के उन्नयन, रोग निगरानी प्रणाली के विस्तार और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण पर राज्य सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

डॉ रावत ने खसरा और रूबेला उन्मूलन की दिशा में की गई प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण अभियानों, बेहतर केस ट्रैकिंग, और विभिन्न विभागों के समन्वय से उत्तराखंड इस राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर तेज़ी से अग्रसर है।
कोरोना संक्रमण की संभावित चुनौतियों को देखते हुए डॉ. रावत ने राज्य की तैयारियों की भी जानकारी दी, जिसमें ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली की मजबूती, आवश्यक दवाओं का भंडारण और स्वास्थ्यकर्मियों का नियमित प्रशिक्षण शामिल है।केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्यों द्वारा टीबी मुक्त भारत अभियान में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जनभागीदारी, नियमित राज्य स्तरीय समीक्षा, अभियान की पुनः रणनीति, अधिक एनएएटी
जांच और पोषण योजनाओं के व्यापक क्रियान्वयन पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि टीबी की दर को प्रति लाख जनसंख्या पर 47 से नीचे और मृत्यु दर को 3 से नीचे लाने के लिए प्रारंभिक और समग्र परीक्षण आवश्यक है।
केंद्र सरकार ने उत्तराखंड सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की प्रशंसा की और स्वास्थ्य क्षेत्र में निरंतर प्रगति बनाए रखने का आह्वान किया।इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ सुनिता टम्टा, महानिदेशक स्वास्थ्य, डॉ मनु जैन, निदेशक, एनएचएम सहित स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button