उत्तराखण्डदेहरादून

जल जीवन मिशन के तहत दिसंबर तक उत्तराखंड के हर घर में नल से जल पहुंच जाएगा : महेंद्र भट्ट

राज्यसभा सांसद के संसद में पूछे गए सवालों के जवाब में केन्द्र सरकार ने दी जानकारी
देहरादून । जल जीवन मिशन के तहत दिसंबर माह तक उत्तराखंड के प्रत्येक घर में नल से जल पहुंच जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने संसद में पूछे गए सवालों के जवाब में केन्द्र सरकार ने यह जानकारी दी। साथ ही बताया, विगत 5 वर्षों में राज्य के लाखों किसानों को फसल बीमा से लगभग एक हजार करोड़ की मदद प्राप्त हुई है।
सत्र के दौरान जल शक्ति मंत्रालय से उनके द्वारा अतारांकित प्रश्न सं. 879 में प्रदेश में जल जीवन मिशन की प्रगति को लेकर जानकारी मांगी गई थी। जिसके ज़बाब में राज्य मंत्री, जल शक्ति श्री वी. सोमण्णा ने उत्तर दिया कि उत्तराखंड सहित राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों की भागीदारी से जल जीवन मिशन कार्यान्वित हो रही है, ताकि देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार हेतु नल जल आपूर्ति का प्रावधान किया जा सके।
जहां तक सवाल है उत्तराखंड का तो वहां अगस्त 2019 में जल जीवन मिशन की शुरुआत में, मात्र 9 फीसदी यानी 1.30 लाख ग्रामीण परिवारों के पास नल जल कनेक्शन होने की सूचना थी। उसके बाद लगभग 12.84 लाख और ग्रामीण परिवारों को जेजेएम के तहत नल जल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इस प्रकार, 22 जुलाई 2025 तक, उत्तराखंड के कुल 14.49 लाख ग्रामीण परिवारों में से 14.14 लाख अर्थात् 97.63 फीसदी से अधिक परिवारों के पास उनके घरों में नल जल आपूर्ति हो रही है। उन्होंने जानकारी दी कि राज्य के 100 फीसदी घरों में नल से जल का लक्ष्य वर्तमान वर्ष में दिसम्बर माह तक पूरा कर लिया जाएगा।
पीएम फसल बीमा के तहत 6.85 लाख किसानों को मिला लाभ
राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने राज्य में पीएम फसल बीमा को लेकर अतारांकित प्रश्न सं. 676 के तहत जानकारी पूछी गई थी। जिसका जवाब देते हुए कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि 2020-21से 2024-25 तक इस योजना के अंतर्गत कुल 6.85 लाख किसानों को लाभ प्राप्त हुआ है। इन 5 वर्षों में फसल क्षतिपूर्ति के तहत 965.7 करोड़ रुपए किसान को दिए गए हैं।
उत्तराखंड में  60 आरसीएस मार्ग परिचालनरत
वहीं भारत सरकार नागर विमानन मंत्रालय से लिखित प्रत्र संख्या 818 में उन्होंने राज्य में आरसीएस उड़ान के अंतर्गत नए मंतव्यों को जोड़ने की जानकारी मांगी। जिस पर उत्तर देते हुए नागर विमानन मंत्रालय में राज्य मंत्री  मुरलीधर मोहोल ने बताया कि उत्तराखंड में संचालित 13 हवाई अड्डे, हेलीपोर्टो को जोड़ने वाले 60 आरसीएस मार्ग परिचालनरत किए गए हैं।

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