उत्तराखंड में कहर बरपा रही बारिश: धराली के बाद अब थराली में बादल फटने से तबाही, एक युवती का शव मिला, 11 घायल, आईटीबीपी जवानों ने संभाला प्रभावित क्षेत्र में मोर्चा , सीएम धामी ने ली जानकारी

मलबे की चपेट में कई दुकानें और वाहन,
जनप्रतिनिधियों से भी सीएम धामी ने ली जानकारी, हर संभव मदद कर दिया भरोसा
देहरादून / चमोली।उत्तराखंड में भारी बारिश लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। उत्तराखंड में एक बार भारी बारिश ने कहर बरपाया है। उत्तरकाशी में बादल फटने की घटना को अभी कुछ ही दिन हुए थे कि चमोली के थराली तहसील में देर रात बादल फटने की खबर सामने आ गई। क्षेत्र में काफी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। बादल फटने से काफी मलबा आया है, जिससे एसडीएम आवास समेत कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। चमोली के डीएम संदीप तिवारी ने इस बारे में जानकारी दी है।
अभी उत्तरकाशी के धराली और स्यानाचट्टी में भारी बारिश से हालात सुधरे भी नहीं थे कि अब चमोली जिले के थराली विकासखंड के अलग अलग हिस्सों में बीती देर शाम से हो रही मूसलाधार बारिश से काफी नुकसान देखने को मिला है। थराली के कोटड़ीप, राड़ीबगड़, अपर बजार, कुलसारी, चेपडो, सगवाड़ा समेत अन्य हिस्सों में अतिवृष्टि से काफी नुकसान हुआ है।
हालात ऐसे हैं कि भारी बारिश से बाजार क्षेत्र में दुकानों में मलबा घुस गया है और कई मकानों को भी मलबे से नुकसान पहुंचा है। वहीं चेपडो में अतिवृष्टि से भारी तबाही देखने को मिली है। यहां में एक बुजुर्ग व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिल रही है।इसके साथ ही सगवाड़ा गांव में भी एक 20 वर्षीय युवती मलबे में दब गई।रेस्क्यू टीम ने शव को बरामद कर लिया है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली भेज दिया गया है।
वहीं, नगर पंचायत थराली के कोटड़ीप में दुकानों और मकानों को नुकसान होने के साथ ही गाड़ियां मलबे में दबी हुई हैं। इसके साथ ही तहसील मुख्यालय राड़ीबगड़ में उपजिलाधिकारी आवास के भीतर भी मलबा घुस गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष के आवास और राड़ीबगड़ के कई घरों में मलबे से नुकसान पहुंचा है। कई बाइकें और अन्य वाहन मलबे की चपेट में आ गए हैं।देर रात चमोली जिले के थराली में अत्यधिक बारिश के कारण ऐसे हालात हुए हैं। 50 से अधिक छोटे बड़े वाहन मलबे में दब गए हैं, सड़कें भूस्खलन से पूरी तरह बंद हैं। थराली मुख्य बाजार में 108 एंबुलेस समेत 5 गाड़ियां मलबे में दबे हैं। सड़कें ध्वस्त हो चुकी हैं, पैदल आवाजाही काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. क्षेत्र में संचार सुविधा भी बाधित हो गई है।जिलाधिकारी चमोली संदीप तिवारी स्वयं मौके का निरीक्षण कर रहे हैं।डीएम संदीप तिवारी ने कहा कि राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है, सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है।प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट की व्यवस्था की गयी है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस बल की टीमें मौके पर युद्ध स्तर पर कार्य कर रही हैं। अवरुद्ध मार्गों को सुचारू करने का कार्य किया जा रहा है।
आपदा के बाद दहशत में क्षेत्र के लोग
: घटना के बाद क्षेत्र के लोग लोग दहशत में हैं। भारी बारिश के बीच लोगों ने घरों से भागकर सुरक्षित स्थानों पर जाकर शरण ली है। वहीं भारी बारिश से चेपड़ो बाजार में भारी नुकसान हुआ है, यहां 20 से अधिक दुकानें और एक दर्जन से अधिक वाहन मलबे में दब गई हैं। बताया जा रहा है कि यहां एक व्यक्ति भी मलबे में दबा है, जिसकी तलाश जारी है। थराली बाजार में भारी भूस्खलन से दुकानों में अंदर मलबा घुस गया है। पांच से छह गाड़ियां मलबे में दबी हैं।
25 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट
भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर बह रहे हैं. वहीं मौसम विभाग ने 22 से 25 अगस्त तक उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. जबकि 23 अगस्त यानि आज के लिए कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड और कुछ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है. भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए सीमांत जिला मुख्यालय पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है
जनप्रतिनिधियों से भी सीएम धामी ने ली जानकारी, हर संभव मदद कर दिया भरोसा
सीएम पुष्कर सिंह धामी, सांसद अनिल बलूनी, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने थराली आपदा को लेकर सोशल मिडिया से हर संभब मदद का भरोसा दिया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मिडिया के जरिए बताया की जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों में जुटी है। स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हूं और खुद स्थिति की गहन निगरानी कर रहा हूं।ईश्वर से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।
मुख्यमंत्री धामी ने चमोली जनपद के जनप्रतिनिधियों से फोन पर वार्ता कर बादल फटने से हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने आपदा पर गहरा दुःख जताते हुए सभी जनप्रतिनिधियों से राहत और बचाव कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने का अनुरोध किया है। इसके साथ उन्होंने स्थानीय विधायक से वार्ता कर उनसे मौके पर रहकर राहत एवं बचाव कार्यो का भौतिक निरीक्षण करने की अपेक्षी की है।





