उत्तराखण्डदेहरादून

विधानसभा के विशेष सत्र में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने प्रस्तुत की  विभागों की उपलब्धियां- कहा – युवा और महिला सशक्तिकरण से बनेगा विकसित भारत

2047 तक समाज में लैंगिक भेदभाव शून्य करने पर दिया जोर,
उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने का संकल्प लिया,
खेल जगत में उत्तराखंड को दिलाएंगे वैश्विक पहचान
देहरादून। उत्तराखंड और देश को विकसित बनाने में युवाओं और महिलाओं का सबसे बड़ा योगदान रहेगा, इसलिए उनका सशक्तिकरण पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को विधानसभा के विशेष सत्र में यह बात कही । उन्होंने कुल सात विभागों की उपलब्धियां सदन के समक्ष रखी और 2047 में देश को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में राज्य किन लक्ष्यों को लेकर चल रहा है इस पर भी चर्चा की।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि राज्य स्थापना के समय प्रदेश में कुल 4243 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित थे । 25 साल में इनकी संख्या बढ़कर 20067 हो गई है, जिनमें बड़ी संख्या में प्रदेश की महिलाएं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिका के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी साल आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाओं की भर्ती में लगभग 7000 नियुक्तियां की गई है और यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही। उन्होंने कहा कि लैंगिक अनुपात के मामले में प्रदेश में 25 साल में बड़ी प्रगति की है। 2001 में लैंगिक अनुपात 1000 के सापेक्ष 962 था जो बढ़कर अब 984 तक पहुंच गया है। रेखा आर्या ने बताया कि कोविड से प्रभावित कुल 6544 बच्चों को राज्य सरकार ₹3000 प्रति माह आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरियों में 30 फीसदी आरक्षण देकर और समान नागरिक संहिता लागू करके बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2047 के विजन के तहत उनका विभाग समाज में लैंगिक असमानता को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्य गठन के बाद खेल विभाग का बजट एक करोड रुपए से बढ़कर वर्तमान में 275 करोड रुपए से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्य में दो अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट स्टेडियम, 17 अंतरराष्ट्रीय स्तर के इंदौर कीड़ा हाल,  6 स्विमिंग पूल, 31 इंडोर हाल, 28 आउटडोर स्टेडियम, तीन स्पोर्ट्स कॉलेज संचालित है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में पहचान दिलाने के लिए खिलाड़ियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है और 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक हासिल करने वाले विजेताओं को दोगुनी इनाम राशि प्रदान की गई है। इसके साथ ही खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न जॉब और सरकारी नौकरियों में 4 फीसदी आरक्षण भी दिया जा रहा है। प्रतिभावान बच्चों को कुशल खिलाड़ी के रूप में विकसित करने की दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के माध्यम से हजारों बच्चों को प्रति माह खेल छात्रवृत्ति दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय सिर्फ 150 पीआरडी स्वयंसेवकों को रोजगार उपलब्ध होता था वर्तमान में 8000 से ज्यादा स्वयंसेवक विभिन्न ड्यूटी पर तैनात है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अक्टूबर 2015 से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया है ।जिसके अंतर्गत ग्रामीण आबादी का 75 फीसदी और शहरी आबादी का 50 फीसदी शामिल है। राशन वितरण प्रणाली को दुकानों के डिजिटलीकरण के माध्यम से और ईपीओएस मशीनों के जरिए सुगम और प्रभावी बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री अंत्योदय निशुल्क गैस रिफिल योजना के तहत 1.84 लाख राशन कार्ड धारकों को वर्ष में तीन गैस रिफिल निशुल्क वितरित की जा रही है।
खरीफ फसलों की खरीद पर प्रश्नों का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि भारत सरकार से इस वर्ष उत्तराखंड को 7.50 लाख मैट्रिक धान खरीदने का लक्ष्य मिला है। जिसमें से 3 नवंबर तक 5.15 लाख मैट्रिक टन धान खरीद की जा चुकी है। इस प्रकार 3 नवंबर तक लक्ष्य का लगभग 70 फीसदी धान खरीद की जा चुकी है। इसके सापेक्ष 1131.30 करोड़ का भुगतान प्रक्रियाधीन है जबकि 755 करोड़ रुपए (लगभग 62 फीसदी) का भुगतान किया जा चुका है।
आवास विभाग की उपलब्धियां पर चर्चा करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि  प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 15960 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से विकास प्राधिकरण के माध्यम से 314 आवासों का निर्माण किया जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button