उत्तराखण्डदेहरादून

उत्तराखंड कैंपा परियोजना संचालन समिति की 12वीं बैठक में 339 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना स्वीकृत

सीएस के प्रत्येक डिवीजन में बड़े मृदा-जल संरक्षण प्रोजेक्ट के निर्देश
देहरादून।  Compensatory Afforestation Fund Management and Planning Authority (CAMPA) परियोजना संचालन समिति की 12वीं बैठक मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में वन संरक्षण, मृदा-जल संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम एवं वानाग्नि प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्य सचिव ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मृदा-जल संरक्षण कार्यों के अंतर्गत प्रत्येक वन प्रभाग (डिवीजन) में एक बड़े प्रोजेक्ट को चिन्हित कर बहुआयामी प्रस्ताव तैयार किया जाए।
उन्होंने जल संरक्षण के तहत सारा, जलागम एवं अन्य संबंधित विभागों/एजेंसियों के समन्वय से राज्य स्तर पर भी कम- से – कम तीन बड़ी एकीकृत (इंटीग्रेटेड) परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए  कैंपा के अंतर्गत 339 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को अनुमोदन प्रदान किया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव सी. रविशंकर एवं रणवीर सिंह चौहान, हॉफ वन विभाग रंजन मिश्र, मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपा कपिल लाल, प्रमुख सचिव वन एस.पी. सुबुद्धि, मुख्य वन संरक्षक (परियोजनाएं) सुदर्शन पटनायक, अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
थर्ड पार्टी ऑडिट एवं पारदर्शिता पर जोर
कैंपा के अंतर्गत संचालित कार्यों के ऑब्जर्वेशन एवं थर्ड पार्टी ऑडिट के लिए तीन से चार एजेंसियों को सूचीबद्ध करने तथा विभिन्न आयामों में स्वतंत्र मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए। साथ ही, बजट को बेहतर गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ व्यय करने और सभी कार्यों की निगरानी सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में सभी जनपदों में ट्रांजिट रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जाने हैं। इस वर्ष की कार्ययोजना में 10 नए रेस्क्यू सेंटर शामिल किए गए, जिनके लिए 19 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए 8.6 करोड़ रुपये का अनुमोदन भी प्रदान किया गया।
वन कर्मियों के आवास निर्माण को स्वीकृति
गढ़वाल एवं कुमाऊं क्षेत्र में देहरादून तथा हल्द्वानी  में रेंजर स्तर तक के वन कर्मियों के लिए आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 10 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
वनाग्नि सुरक्षा एवं वन पंचायतों को सहयोग
वनाग्नि सुरक्षा के लिए 12 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया, जिसमें वन पंचायतों हेतु 2 करोड़ रुपये की धनराशि भी शामिल है।
जल धाराओं के उपचार के लिए 19.5 करोड़ स्वीकृत
मृदा-जल संरक्षण कार्यों के अंतर्गत जल धाराओं के उपचार के लिए 19.5 करोड़ रुपये की धनराशि का अनुमोदन किया गया।

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