उत्तराखण्डदेहरादूनराजनीति
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत व विपक्ष के दुष्प्रचार पर चोट बताया

देहरादून । भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वोटर लिस्ट की एसआईआर प्रक्रिया को सही ठहराने के फैसले का स्वागत करते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत और विपक्ष के दुष्प्रचार पर चोट बताया है।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चौहान ने इसे चुनाव आयोग की स्वायत्तता, निष्पक्षता और स्वच्छ लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बताया है। वहीं इस निर्णय को विपक्ष की हार बताते हुए आँख खोलने वाला बताते हुए कहा कि यह संवैधानिक संस्थाओं को लेकर झूठ, भ्रम और संशय की धारणा फैलाने की साजिश रचने वालों के लिए भी संदेश है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को भारतीय चुनाव आयोग की संवैधानिक मर्यादा और निष्पक्षता की बड़ी जीत बताया है। पार्टी का कहना है कि कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग ने अपनी सीमाओं से बाहर जाकर काम नहीं किया और मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए यह कदम पूरी तरह संवैधानिक था। उन्होंने इसे विपक्ष के “भ्रामक नैरेटिव” पर करारा जवाब भी बताया जो हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश में एक झूठा और भ्रामक डर पैदा करने की कोशिश करता है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से विपक्ष के वोटर लिस्ट से नाम हटाने के एजेंडा को भी पूरी तरह खारिज कर दिया है।
चौहान ने कहा कि भाजपा हमेशा से जाली या दोहरी नागरिकता वाले संदिग्ध मतदाताओं को हटाने और वास्तविक नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुरक्षित करने के पक्ष में रही है। वहीं उन्होंने विपक्ष को सुझाव दिया कि अब उन्हें सच्चाई को स्वीकार करते हुए, एसआईआर की प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चौहान ने इसे चुनाव आयोग की स्वायत्तता, निष्पक्षता और स्वच्छ लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जीत बताया है। वहीं इस निर्णय को विपक्ष की हार बताते हुए आँख खोलने वाला बताते हुए कहा कि यह संवैधानिक संस्थाओं को लेकर झूठ, भ्रम और संशय की धारणा फैलाने की साजिश रचने वालों के लिए भी संदेश है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को भारतीय चुनाव आयोग की संवैधानिक मर्यादा और निष्पक्षता की बड़ी जीत बताया है। पार्टी का कहना है कि कोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि चुनाव आयोग ने अपनी सीमाओं से बाहर जाकर काम नहीं किया और मतदाता सूची की शुद्धता बनाए रखने के लिए यह कदम पूरी तरह संवैधानिक था। उन्होंने इसे विपक्ष के “भ्रामक नैरेटिव” पर करारा जवाब भी बताया जो हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर देश में एक झूठा और भ्रामक डर पैदा करने की कोशिश करता है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से विपक्ष के वोटर लिस्ट से नाम हटाने के एजेंडा को भी पूरी तरह खारिज कर दिया है।
चौहान ने कहा कि भाजपा हमेशा से जाली या दोहरी नागरिकता वाले संदिग्ध मतदाताओं को हटाने और वास्तविक नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुरक्षित करने के पक्ष में रही है। वहीं उन्होंने विपक्ष को सुझाव दिया कि अब उन्हें सच्चाई को स्वीकार करते हुए, एसआईआर की प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।





