भाजपा ने किया कांग्रेस मुख्यालय कूच , जोरदार प्रदर्शन कर खोली लोकतंत्र विरोधी राजनीति की पोल, राहुल गांधी और कांग्रेस का पुतला फूंका

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के नेतृत्व में
कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया, राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप लगाया
देहरादून । भाजपा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा राजनीति के लिए पीएम की सुरक्षा खतरे में डालने की कोशिश के खिलाफ कांग्रेस मुख्यालय की और घेराव करने के लिए कूच कर जबरदस्त प्रदर्शन किया । प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के नेतृत्व हजारों कार्यकर्ताओं ने घेराव कर जनता के सामने कांग्रेस की पोल खोलने का काम किया।
पार्टी का आज का यह विरोध प्रदर्शन महानगर कार्यालय से प्रारंभ हुआ और वहां से राहुल गांधी और कांग्रेस के कृत्य विरोधी नारों के साथ आगे बढ़ा। पुलिस द्वारा कांग्रेस भवन से पहले कनक चौक पर बेरिकेटिंग लगाकर रोक दिया गया। बावजूद इसके प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर कार्यकर्ताओं ने बहुत संयम दिखाया और वहीं जबरदस्त नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस अवसर पर राहुल गांधी एवं कांग्रेस का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया।
इस प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, विधायक विनोद चमोली, बृजभूषण गैरोला, सहदेव पुंडीर, सविता कपूर, दायित्वधारी ज्योति प्रसाद गैरोला, शादाब शम्स, सुभाष बर्त्वाल, मधु भट्ट, मेयर सौरभ थपलियाल, प्रदेश मंत्री आदित्य चौहान, नेहा जोशी, प्रदेश कार्यालय सचिव जगमोहन रावत, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विपुल मंडोली,महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए।
पीएम की सुरक्षा को खतरे में डाल, राहुल गांधी ने तोड़ी सभी राजनैतिक मर्यादाएं : महेंद्र भट्ट
मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि लोकतंत्र में चर्चा के सबसे बड़े मंच संसद चल रही है। इसके बावजूद वहां जनता के मुद्दे उठाने और उस पर सार्थक चर्चा की बजाय राहुल गांधी कांग्रेस और समूचा विपक्ष हंगामा करने और युवाओं को भड़काने में लगा है। बेहतर होता वे छात्रों को गुमराह करना छोड़कर संसद के पटल पर उनकी बातों को कहते। उन्होंने कहा कि, नीट का एग्जाम हो चुका है, छात्र बड़ी संख्या में उसमें उत्तीर्ण हो चुके हैं। नीट परीक्षा में सफल छात्रों की काउंसलिंग भी प्रारंभ हो चुकी है। लेकिन इस सबके उलट, पूरे देश में अराजकता का माहौल बनाकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का राहुल गांधी और कांग्रेस प्रयास कर रही है। जिसका भाजपा कार्यकर्ता अब मुंह तोड़ जवाब देखर जनता के सामने उनकी साज़िशों और नकारत्मक राजनीति की पोल खोलेंगे।
भट्ट ने कहा कि राहुल गांधी एवं कांग्रेस को लोकतंत्र में आईना दिखाना अब बहुत ज़रूरी हो गया था। क्योंकि जिस समय संसद के दोनों सदन चल रहे हों, उस समय पर सदन के अंदर चर्चा के बजाय, प्रधानमंत्री के घर पर जाकर धरना दिया गया। उससे राहुल गांधी ने अपनी अलोकतांत्रिक सोच एवं अराजक नीति को प्रदर्शित किया है। पार्टी की तरफ से बहुत जिम्मेदारी और सब्र से सबी पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया है। लेकिन जिस तरह का अलोकतांत्रिक एवं असंवैधानिक रवैया कांग्रेस पार्टी द्वारा अपनाया गया है, उसके चलते जवाब देना बहुत ज़रूरी हो गया था। जिस तरह उनके द्वारा छात्रों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है, पूरे देश के अंदर जिस प्रकार से नीट के नाम पर झूठ और अविश्वास फैलाने का काम किया जा रहा हैं। उनके खिलाफ जवाब देनें और उनका काला सच जनता के सामने लाने का काम आज हमने किया है। आज पूरे देश के अंदर हर प्रदेश की राजधानी केंद्र में पार्टी के कार्यकर्ताओं ने युवा साथियों के साथ मिलकर कांग्रेस को आईना दिखाने का काम किया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे लोकतंत्र के इतिहास का “शर्मनाक दिन” बताया है। उन्होंने कहा कि जो नेता ऐसे परिवार से आते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास की गरिमा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी पर बिना अनुमति जबरन पीएम आवास के गेट पर धरना देने का आरोप लगाया।
स्पष्ट क्या कि सरकार नीट के मुद्दे पर बहस को तैयार थी और मंत्रियों ने राहुल गांधी से चर्चा की पेशकश भी की थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। उन्होंने सवाल किया कि क्या देश गांधी परिवार के अहंकार और मर्जी से चलेगा? जिस तरह उनके द्वारा पीएम के सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया वह बेहद चिंताजनक एवं दुखद है। जबकि पीएम की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और पुलिस को अंततः व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई करनी पड़ी।





